सारंगढ़ - बिलाईगढ़

बिलाईगढ़ नगर पंचायत : ‘छूट’ के नाम पर छलावा! कचरा उठा नहीं, पर वसूली जारी; करदाताओं में भारी आक्रोश…

सारंगढ़-बिलाईगढ़। मनीराम आज़ाद : नगर पंचायत बिलाईगढ़ इन दिनों अपनी दोषपूर्ण बिलिंग प्रणाली और भ्रामक प्रचार को लेकर जन-आक्रोश के केंद्र में है। प्रशासन द्वारा “वर्तमान मांग पर 10% छूट” का ढोल तो पीटा जा रहा है, लेकिन हकीकत में यह केवल ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हो रही है। रसीदों के विश्लेषण से साफ है कि छूट के नाम पर करदाताओं को केवल भ्रमित किया जा रहा है।

छूट का गणित या जनता से ‘छल’? – ​नगर पंचायत द्वारा जारी मांग पत्र (Notice) में स्पष्ट लिखा है कि 7 दिनों के भीतर भुगतान पर ‘वर्तमान मांग (अ)’ पर 10% की छूट दी जाएगी। विभाग के अनुसार ‘अ’ श्रेणी में संपत्ति कर, समेकित कर और ठोस अपशिष्ट शुल्क तीनों शामिल हैं, जिनकी कुल राशि ₹1,115 होती है। कायदे से छूट ₹111 होनी चाहिए, लेकिन असलियत में केवल ₹27 की छूट दी जा रही है।

  • हकीकत : छूट केवल ‘संपत्ति कर’ (Property Tax) पर दी जा रही है, जबकि विज्ञापनों में इसे कुल मांग पर दर्शाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।

सेवा ‘शून्य’, वसूली ‘फुल’ : रविदास मोहल्ला के निवासियों का हल्लाबोल – ​वार्ड क्रमांक 10 स्थित रविदास मोहल्ला सहित कई वार्डों के निवासियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ा दी हैं। लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में न तो नियमित झाड़ू लगती है और न ही कचरा संग्रहण की गाड़ियां आती हैं।

​”जब नगर पंचायत ने हमें सेवा ही नहीं दी, तो ₹20 प्रति माह के हिसाब से ₹240 वार्षिक ‘यूजर चार्ज’ किस बात का वसूला जा रहा है? यह सीधे तौर पर अवैध वसूली है।” – स्थानीय निवासी

एक मकान, तीन बिल : राजस्व विभाग का ‘अजीब’ कारनामा – भ्रष्टाचार और लापरवाही का आलम यह है कि एक ही मकान में रहने वाले एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर 2 से 3 बिल जारी कर दिए गए हैं। हर बिल में अलग से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क जोड़ दिया गया है। जनता का सवाल है कि क्या एक ही घर से निकलने वाले कचरे के लिए परिवार तीन बार भुगतान करेगा?

CMO और राजस्व प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल : ​स्थानीय नागरिकों का गुस्सा सीधे तौर पर सीएमओ सुशील चौधरी और राजस्व शाखा की ओर है। पारदर्शिता के अभाव और ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ वाली स्थिति ने करदाताओं को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है।

जनता की दोटूक मांग :

  • पारदर्शिता : छूट के नियमों को स्पष्ट किया जाए; ‘वर्तमान मांग’ का मतलब जनता को बेवकूफ बनाना बंद करें।
  • नो सर्विस, नो टैक्स : जिन वार्डों में कचरा गाड़ी नहीं पहुंच रही, वहां से यूजर चार्ज तत्काल हटाया जाए।
  • त्रुटि सुधार : एक ही संपत्ति पर थोपे गए एकाधिक बिलों को निरस्त कर सुधार किया जाए।

चेतावनी : यदि समय रहते इन भ्रामक बिलों में सुधार नहीं किया गया और अवैध वसूली नहीं रुकी, तो नगरवासी सामूहिक रूप से उग्र आंदोलन और तहसील कार्यालय के घेराव की तैयारी कर रहे हैं।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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