रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन : मैरिज गार्डन कांड का आरोपी ‘भेस’ बदलकर भी नहीं बच सका, पहुंचा सलाखों के पीछे!…

रायगढ़। चक्रधरनगर क्षेत्र के चर्चित विजयम उत्सव मैरिज गार्डन मारपीट मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले कई महीनों से पुलिस को छका रहा आरोपी अंकुल ठाकुर आखिरकार धर दबोचा गया। आरोपी इतना शातिर था कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुलिया तक बदल लिया था, लेकिन सीएसपी मयंक मिश्रा की पैनी नजरों और चक्रधरनगर पुलिस की घेराबंदी ने उसे जेल की राह दिखा दी।
क्या है पूरा मामला? – घटना पिछले साल 24-25 मई की दरमियानी रात की है। पीड़ित युवक जब अपनी दीदी के घर से लौट रहा था, तब विजयम उत्सव मैरिज गार्डन के पास मनीष बिहारी, बबलू दास महंत और अंकुल ठाकुर समेत अन्य लड़कों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जानलेवा हथियारों और हाथ-मुक्कों से युवक पर बेरहमी से हमला कर दिया।
बलवा और एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई : पीड़ित युवक विशेष वर्ग से ताल्लुक रखता है, जिसे जानते हुए आरोपियों ने उसे अपमानित किया और मारपीट की। इस आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की विभिन्न धाराओं (बलवा, मारपीट) के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v)(क) भी जोड़ी है।
हुलिया बदलकर भाग रहा था आरोपी : गिरफ्तार आरोपी अंकुल ठाकुर उर्फ अंशुल ठाकुर (35 वर्ष) निवासी जूटमिल लेबर कॉलोनी, गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए अपने बाल और दाढ़ी बढ़ाकर हुलिया पूरी तरह बदल लिया था।
कार्यवाही की मुख्य बातें :
- सूचना पर एक्शन: 20 फरवरी की रात आरोपी को शहर में देखे जाने की सूचना मिलते ही सीएसपी मयंक मिश्रा ने घेराबंदी के निर्देश दिए।
- गिरफ्तारी: चक्रधरनगर पेट्रोलिंग पार्टी ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया।
- रिमांड: आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फरार साथियों की खैर नहीं : पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अन्य फरार आरोपियों – मनीष बिहारी और बबलू दास महंत की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि कानून से खिलवाड़ करने वाले चाहे कितना भी भेस बदल लें, वे बच नहीं पाएंगे।




