रायगढ़ पुलिस का मेगा ऑपरेशन: शातिर ‘मास्टरमाइंड’ विकेश महंत गिरफ्तार, हाईटेक बाइक चोर गिरोह का अंत…

रायगढ़। जिले में सक्रिय एक ऐसे संगठित गिरोह का पूरी तरह से सफाया हो गया है, जिसने पुलिस और जनता की नाक में दम कर रखा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में, पूंजीपथरा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरोह के सबसे शातिर सदस्य और मुख्य बाइक चोर विकेश दास महंत (27 वर्ष) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बाजारों में बिछा रखा था जाल : गिरफ्तार आरोपी विकेश दास महंत, जो कि जूटमिल क्षेत्र के सांगीतराई का निवासी है, कोई साधारण चोर नहीं बल्कि एक आदतन अपराधी है। वह रायगढ़, तमनार, पूंजीपथरा और घरघोड़ा के साप्ताहिक बाजारों को अपना निशाना बनाता था। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर वह पलक झपकते ही बाइक पार कर देता था। पुलिस की उन पर सतत निगरानी थी, और जैसे ही वह 9 फरवरी को संदिग्ध अवस्था में पूंजीपथरा क्षेत्र में दिखा, घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
डिजिटल जालसाजी: चोरी की बाइक, ‘असली’ जैसे कागज : इस गिरोह की कार्यप्रणाली किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं:
- डाटा चोरी : आरोपी अजय पटेल बाइक के चेचिस नंबर के जरिए वाहन पोर्टल से असली मालिक की जानकारी निकालता था।
- फर्जी RC निर्माण : एप्पल लैपटॉप और हाई-क्वालिटी कलर प्रिंटर का उपयोग कर हूबहू फर्जी आरसी (Registration Certificate) और पीबीसी कार्ड तैयार किए जाते थे।
- ऑटो डीलर कनेक्शन : लैलूंगा के कुछ ऑटो डीलरों और पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद से इन बाइकों को ‘लोक सेवा केंद्र’ के जाली दस्तावेजों के सहारे आम खरीदारों को बेच दिया जाता था। खरीदार को लगता था कि वह लीगल गाड़ी खरीद रहा है, जबकि वह चोरी का माल होता था।
पुलिस की बड़ी बरामदगी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने 1 फरवरी को इस गिरोह के शुरुआती खुलासे में 7 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा था। अब मुख्य कड़ी विकेश की गिरफ्तारी के बाद कुल बरामदगी का आंकड़ा प्रभावशाली हो गया है:
- 25 चोरी की मोटरसाइकिलें (विभिन्न कंपनियों की)।
- 01 एप्पल लैपटॉप (दस्तावेज तैयार करने के लिए प्रयुक्त)।
- 01 हाई-डेफिनिशन कलर प्रिंटर।
- भारी मात्रा में फर्जी पीबीसी कार्ड और कूटरचित दस्तावेज।
कठोर धाराओं में मामला दर्ज : आरोपी विकेश के खिलाफ थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 05/2026, 09/2026 और 10/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) (चोरी) और 112(2) (संगठित अपराध) के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, गिरोह के जालसाजी वाले कृत्य को देखते हुए धारा 317(2) और 336(3) भी जोड़ी गई हैं, जो धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने से संबंधित हैं।
एसएसपी की अपील :
“हम जिले से संगठित अपराध को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नागरिक जब भी कोई पुरानी गाड़ी खरीदें, तो उसके दस्तावेजों की पुष्टि पुलिस या आरटीओ से जरूर करा लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।” — शशि मोहन सिंह (SSP, रायगढ़)
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- आरोपी: विकेश दास महंत, उम्र 27 वर्ष (जूटमिल, रायगढ़)।
- इलाका: रायगढ़, तमनार, पूंजीपथरा और घरघोड़ा के बाजारों में सक्रिय।
- तरीका: बाइक चोरी कर हाईटेक तरीके से फर्जी आरसी बनाना।
- सफलता: साइबर सेल और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम की बड़ी जीत।




