रायगढ़ पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक : बोइरदादर के रिहाइशी इलाके में चल रहे देह व्यापार के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, SSP के हंटर से कांपे अनैतिक धंधेबाज…

रायगढ़। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी और औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले रायगढ़ शहर में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे निर्णायक जंग छेड़ दी है। शहर के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पॉश इलाके बोइरदादर में लंबे समय से फल-फूल रहे देह व्यापार के एक बड़े सिंडिकेट को पुलिस ने शनिवार को जड़ से उखाड़ फेंका। एसएसपी शशि मोहन सिंह के पदभार ग्रहण करने के बाद से ही अपराधियों के खिलाफ चल रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत यह अब तक की तीसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसने रिहाइशी इलाकों की आड़ में छिपे सफेदपोश दलालों की नींद उड़ा दी है।
पड़ोसियों की सतर्कता और पुलिस की सटीक रणनीति : मिली जानकारी के अनुसार, बोइरदादर स्थित एक निजी मकान में पिछले काफी समय से बाहरी व्यक्तियों और संदिग्ध युवक-युवतियों का जमावड़ा देखा जा रहा था। चूंकि यह एक रिहाइशी इलाका है, इसलिए देर रात तक महंगी गाड़ियों की आवाजाही और अनजान लोगों के आने-जाने से स्थानीय निवासी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे थे। मोहल्ले के जागरूक नागरिकों ने इसकी गुप्त शिकायत चक्रधरनगर पुलिस से की थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एक विशेष टीम का गठन किया और सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों को इलाके की रेकी करने के निर्देश दिए। कई दिनों की निगरानी के बाद जब यह स्पष्ट हो गया कि यहाँ देह व्यापार का संगठित काला खेल चल रहा है, तब छापेमारी की रणनीति तैयार की गई।
छापेमारी का मंजर : घेराबंदी कर रंगे हाथ दबोचे गए आरोपी – पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उक्त मकान की चारों तरफ से घेराबंदी की ताकि किसी को भी भागने का मौका न मिले। जैसे ही पुलिस ने मकान के भीतर दबिश दी, वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तलाशी के दौरान कमरे के भीतर से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, शक्तिवर्धक दवाएं, बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की गई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से मकान मालिक और एक महिला को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि मकान मालिक स्वयं इस अनैतिक व्यापार को संरक्षण दे रहा था और घर को ‘सेफ हाउस’ के रूप में इस्तेमाल करने के लिए मोटी रकम वसूलता था। पकड़ी गई महिला से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है, जिससे इस व्यापार में शामिल अन्य बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।
व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए ‘ऑनलाइन बुकिंग’ का खेल – शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह रैकेट काफी आधुनिक तरीके से संचालित किया जा रहा था। ग्राहकों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप का सहारा लिया जाता था, जहाँ युवतियों की तस्वीरें भेजकर रेट तय किए जाते थे। पुलिस ने पकड़े गए मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उनके कॉल डिटेल्स (CDR) तथा व्हाट्सएप चैट्स की गहनता से जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इन चैट्स में शहर के कई रसूखदार लोगों और नियमित ग्राहकों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इन युवतियों को बाहर के राज्यों (जैसे ओडिशा या पश्चिम बंगाल) से नौकरी का झांसा देकर यहाँ लाया गया था और उनसे जबरन यह काम कराया जा रहा था।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का खौफ : अपराधियों में हड़कंप – रायगढ़ पुलिस की कमान जब से एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संभाली है, तब से शहर की फिजा बदलने लगी है। सट्टा, जुआ और नशे के साथ-साथ देह व्यापार जैसे अनैतिक कार्यों पर पुलिस का प्रहार जारी है। चक्रधरनगर में हुई आज की यह छापेमारी पिछले कुछ ही दिनों के भीतर की तीसरी बड़ी सफलता है। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल आम जनता में सुरक्षा का भाव जागा है, बल्कि उन लोगों के मन में भी डर पैदा हो गया है जो रिहाइशी मकानों या होटलों को अवैध गतिविधियों का अड्डा बनाते हैं। एसएसपी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि शहर की शांति और मर्यादा को भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
कानूनी कार्रवाई और आगामी कदम : फिलहाल, चक्रधरनगर पुलिस ने हिरासत में लिए गए आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA Act) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक छापेमारी नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का विस्तृत विवरण और आरोपियों के प्रोफाइल साझा करेगी।
नोट : इस मामले से जुड़ी हर पल की अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें। पुलिस की जांच जारी है।




