लुड़ेग धान मंडी में ‘हवाई’ धान का उठाव : बिना लोड हुए ही मिल की ओर दौड़ा ट्रक, वायरल वीडियो ने उड़ाईं विभाग की नींद…

जशपुर (पत्थलगांव) : भ्रष्टाचार जब शिष्टाचार बन जाए, तो कागजों पर ट्रक धान से भर जाते हैं और हकीकत में वे खाली सड़कों पर दौड़ते हैं। जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत लुड़ेग धान मंडी में गुरुवार को एक ऐसा ही सनसनीखेज ‘फर्जीवाड़ा’ उजागर हुआ है, जिसने मंडी प्रबंधन और राइस मिलर्स के बीच चल रहे ‘काले गठजोड़’ को सरेआम बेनकाब कर दिया है।
भ्रष्टाचार का ‘डिजिटल’ भंडाफोड़ : मामला कस्टम मिलिंग (CMR) के तहत धान उठाव का है। नियम कहते हैं कि मंडी से धान लोड होकर मिल तक जाना चाहिए, लेकिन लुड़ेग मंडी में ‘चमत्कार’ हो गया। यहाँ धान लोड करने पहुँचा एक ट्रक बिना एक दाना भरे ही वहां खड़ा रहा और कागजी खानापूर्ति कर उसे रवाना करने की तैयारी थी।
मंडी में मौजूद एक जागरूक नागरिक ने इस ‘अदृश्य धान’ के खेल को कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ट्रक खाली है, फिर भी उसे धान उठाव की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा था। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
सिंडिकेट का खेल : कागजों पर धान, जेबों में माल – यह महज एक ट्रक की चूक नहीं, बल्कि लाखों रुपये के सोचे-समझे घोटाले की आहट है। सूत्रों की मानें तो यह खेल पुराना है:
- कागजी उठाव: मंडी प्रबंधक और राइस मिलर मिलकर कागजों पर धान का उठाव दिखा देते हैं।
- दोहरा मुनाफा: मंडी में रखे धान को अवैध रूप से बाजार में खपाया जाता है या स्टॉक में हेराफेरी की जाती है।
- परिवहन घोटाला: बिना गाड़ी चले या खाली गाड़ी दिखाकर परिवहन भत्ते (Transportation Charges) की भी बंदरबांट की आशंका है।
“क्या प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा था यह सिंडिकेट? एक अज्ञात व्यक्ति का वीडियो शासन के करोड़ों रुपयों को बचाने का जरिया बन सकता है, बशर्ते जांच निष्पक्ष हो।”
जांच की आंच से निकलेंगे कई ‘सफेदपोश’ चेहरे – स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने अब प्रशासन से आर-पार की लड़ाई की मांग की है। अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होती है, तो लुड़ेग मंडी में पिछले कई हफ्तों से चल रहे धान उठाव के आंकड़ों में बड़ा अंतर मिलना तय है।
मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं :
- मंडी प्रबंधक ने खाली ट्रक की एंट्री कैसे होने दी?
- राइस मिलर और अधिकारियों के बीच इस ‘हवाई लोडिंग’ की डील कितने में तय हुई?
- क्या पूर्व में भी इसी तरह बिना लोडिंग के भुगतान निकाला जा चुका है?
अब देखना होगा कि जशपुर जिला प्रशासन इस वायरल वीडियो पर संज्ञान लेकर दोषियों को जेल भेजता है या फिर ‘जांच के नाम पर’ इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।




