छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा धमाका : DSP कल्पना वर्मा निलंबित; ‘लव ट्रैप’, ₹2.5 करोड़ की वसूली और नक्सल इनपुट लीक करने का संगीन आरोप…

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृह विभाग ने दंतेवाड़ा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (DSP) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई किसी सामान्य विभागीय त्रुटि के कारण नहीं, बल्कि प्यार, पैसा और पुलिसिया गोपनीयता के उल्लंघन की एक ऐसी कहानी के बाद हुई है जिसने पूरे महकमे को हिला कर रख दिया है।

1,400 पन्नों की रिपोर्ट में खुलासों का अंबार : ASP कीर्तन राठौर के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने पिछले 30 दिनों तक इस मामले की परतें खोलीं। रिपोर्ट इतनी विस्तृत है कि इसके 1,400 पन्नों में डीएसपी और कारोबारी के बीच हुए हर वित्तीय लेनदेन और वॉट्सऐप संवाद का कच्चा चिट्ठा दर्ज है। करीब 2 सप्ताह पहले यह रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी गई थी, जिसके बाद शासन ने इसे ‘अत्यंत गंभीर’ मानते हुए निलंबन की मुहर लगा दी।

‘हनी ट्रैप’ से ₹2.5 करोड़ तक का सफर : पीड़ित कारोबारी दीपक टंडन का आरोप है कि साल 2021 से डीएसपी कल्पना वर्मा ने उन्हें कथित तौर पर अपने प्यार के जाल में फंसाया। इसके बाद शुरू हुआ ‘वसूली’ का अंतहीन सिलसिला। टंडन के अनुसार:
- कैश और गिफ्ट : लगभग ₹2 करोड़ नगद, ₹12 लाख की डायमंड रिंग और ₹5 लाख के सोने के गहने लिए गए।
- लग्जरी का शौक : महिला अधिकारी ने एक लग्जरी कार भी अपने नाम करवाई।
- होटल का सपना : डीएसपी ने अपने भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने भी कारोबारी से मोटी रकम ली।
देश की सुरक्षा से खिलवाड़ : वॉट्सऐप पर भेजे नक्सल इनपुट – इस केस का सबसे घातक पहलू वह वॉट्सऐप चैट है, जो जांच टीम के हाथ लगी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने न केवल निजी बातें कीं, बल्कि विभाग की अत्यंत गोपनीय सूचनाएं भी कारोबारी से साझा कीं। इसमें शामिल हैं:
- बस्तर और दंतेवाड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती।
- नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स के गुप्त इनपुट।
- विभागीय रणनीति और मूवमेंट की जानकारी।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक संवेदनशील क्षेत्र (Conflict Zone) में तैनात अधिकारी द्वारा ऐसी जानकारी लीक करना राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए “सुसाइडल” (आत्मघाती) हो सकता है।
शासन का सख्त आदेश और कार्रवाई : अवर सचिव पूरन लाल साहू द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डीएसपी कल्पना वर्मा का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के विरुद्ध पाया गया है।
- तत्काल प्रभाव से निलंबन : उन्हें पद से हटा दिया गया है।
- मुख्यालय : निलंबन के दौरान उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ), नवा रायपुर में उपस्थिति देनी होगी।
- संपत्ति की जांच : प्राथमिक जांच में ‘अनुपातहीन संपत्ति’ (आय से अधिक संपत्ति) के संकेत भी मिले हैं, जिसकी जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) तक पहुँच सकती है।
डीएसपी का पलटवार: “यह एक साजिश है” – इस पूरे विवाद पर डीएसपी कल्पना वर्मा का कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद और साजिश’ करार देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से ड्यूटी की है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी के भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि वर्दी की आड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौते का संकेत दे रहा है। शासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या वो गोपनीय जानकारियां किसी तीसरे पक्ष या असामाजिक तत्वों तक भी पहुँची हैं।




