बिलासपुर

बिलासपुर में रेत माफिया का तांडव : तहसीलदार को कुचलने की कोशिश के बाद जागा प्रशासन, सेंदरी-रतनपुर में भारी छापेमारी…

बिलासपुर। न्यायधानी में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब उन्हें कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं रहा। रतनपुर में कार्रवाई करने गए नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने की दुस्साहसिक कोशिश ने जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस जानलेवा हमले और जनप्रतिनिधियों के भारी आक्रोश के बाद, नींद से जागे खनिज विभाग ने सेंदरी, घुटकू और रतनपुर इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर अवैध रेत का जखीरा जब्त किया है।

मौत का खेल : तहसीलदार बाल-बाल बचे – बीते तीन दिन पहले रतनपुर क्षेत्र में अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे नायब तहसीलदार राहुल साहू पर माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। जब तहसीलदार ने भागते हुए एक ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, तो ड्राइवर ने रुकने के बजाय उन पर ही गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इस घटना ने साफ कर दिया है कि जिले में माफिया राज किस कदर हावी हो चुका है।

छापेमारी में क्या मिला? – कलेक्टर संजय अग्रवाल के सख्त निर्देश के बाद मैदान में उतरी खनिज विभाग की टीम ने बड़े पैमाने पर जब्ती बनाई है:

  • 37 ट्रैक्टर रेत : सेंदरी और निरतु क्षेत्र में अवैध रूप से डंप कर रखी गई थी।
  • 03 हाईवा और 03 ट्रैक्टर : अवैध परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।
  • प्रमुख क्षेत्र : घुटकू, सेंदरी, रतनपुर, मस्तूरी (कुकुरदीकला), और बेलगहना।

सत्ता और रसूख का ‘अवैध’ गठजोड़ : जिले में अरपा, खारून, नीलागर और शिवनाथ नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में केवल अमलडीहा, उदईबंद, सोढ़ाखुर्द और करहीकछार घाट ही वैध हैं, लेकिन खुदाई हर घाट पर हो रही है। चर्चा है कि इस काले कारोबार में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के रसूखदारों के साथ ‘शराब सिंडिकेट’ से जुड़े लोग भी शामिल हैं।

“खनिज विभाग की अब तक की कार्रवाई महज खानापूर्ति है। विभाग केवल चुनिंदा वाहनों को पकड़कर अपना पल्ला झाड़ लेता है, जबकि बड़े मगरमच्छ अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।”

भारती माली, सदस्य, जिला पंचायत

माफिया के हौसले क्यों बुलंद? – स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि खनिज विभाग की लंबे समय तक रही ‘मौन सहमति’ ने माफियाओं को शेर बना दिया है। जब तक विभाग की मिलीभगत और बड़े रसूखदारों पर सीधा प्रहार नहीं होगा, तब तक अरपा और शिवनाथ की रेत की चोरी रुकना नामुमकिन है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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