गरियाबंद में सांप्रदायिक तांडव : घरों में आगजनी, पुलिस पर पथराव और भारी तनाव

गरियाबंद। जिले का बकली गांव रविवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद भीड़ ने न केवल घरों को आग के हवाले किया, बल्कि पुलिस बल पर भी हमला बोल दिया। वर्तमान में पूरा गांव पुलिस छावनी बना हुआ है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
घटना का मुख्य कारण : ‘मंदिर विवाद’ और ‘पुरानी रंजिश’ – ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस हिंसा की जड़ें दो प्रमुख विवादों से जुड़ी हैं:
- मंदिर का विवाद : ग्रामीणों का आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले आरोपियों ने गांव के शिव मंदिर को क्षतिग्रस्त किया था, जिसका मामला अभी कोर्ट में लंबित है।
- लूटपाट की रंजिश : चार महीने पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक लूटपाट के वीडियो के आधार पर पुलिस ने कुछ युवकों को जेल भेजा था। वे आरोपी हाल ही में जमानत पर बाहर आए थे।
कैसे भड़की हिंसा की चिंगारी? – घटना की शुरुआत रविवार सुबह 11 बजे हुई, जब जेल से छूटे आरोपियों ने शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया।
- हमला और जवाबी कार्रवाई : आरोपियों ने धारदार हथियारों और पत्थरों से ग्रामीणों पर हमला किया, जिसमें नरेंद्र साहू और रेखराम सहित कई लोग घायल हो गए।
- आगजनी : हमले की खबर फैलते ही दूसरे पक्ष का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने आरोपियों के घरों पर हमला किया और 3 से 4 वाहनों समेत मकानों को आग के हवाले कर दिया।
- पुलिस पर हमला : स्थिति को संभालने पहुँची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने पथराव किया। इस दौरान एक जवान गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वर्तमान स्थिति : गांव में ‘कर्फ्यू’ जैसा माहौल – देर रात आईजी (IG) और भारी पुलिस बल के मौके पर पहुँचने के बाद स्थिति को शांत कराया गया।
ग्रामीणों का पक्ष : “यह हमला सुनियोजित था। मंदिर तोड़ने के विवाद को लेकर वे पहले से रंजिश पाले हुए थे। जमानत पर बाहर आते ही उन्होंने हमारे लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।” – जितेंद्र कुमार यादव (ग्रामीण)
