बेमेतरा प्रशासन का अवैध धान कारोबार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: ₹1.93 करोड़ का धान जब्त…

बेमेतरा: जिले में अवैध धान के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के सख्त रुख के बाद राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों ने जिले भर में दबिश देकर करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया है।
बड़े आंकड़ों पर एक नज़र – प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत अब तक की गई कार्रवाई में निम्नलिखित सफलता मिली है:
- कुल जब्ती: 21,171 बोरा धान।
- कुल मात्रा: 8,465 क्विंटल।
- अनुमानित कीमत: ₹1,93,13,050 (एक करोड़ तिरानवे लाख तेरह हजार पचास रुपये)।
- जब्त वाहन: अवैध परिवहन में शामिल कई वाहनों को भी राजसात करने की प्रक्रिया शुरू।
बिचौलियों और राइस मिलर्स में हड़कंप – कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दलों ने थोक व्यापारियों, राइस मिलर्स और कोचियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। विशेष रूप से अंतर्राज्यीय तस्करी (Inter-state smuggling) पर नकेल कसने के लिए सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जांच दलों ने स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी और बिना वैध दस्तावेजों के भंडारण पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की है।
”किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। समर्थन मूल्य की पारदर्शी व्यवस्था को बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत कार्रवाई की जा रही है।”
सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, कलेक्टर, बेमेतरा
मुख्य प्राथमिकताएं और अपील –
- जीरो टॉलरेंस नीति : अवैध खरीदी और तस्करी को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है।
- आर्थिक सुरक्षा : शासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बचाकर उन्हें आर्थिक नुकसान से सुरक्षित रखना है।
- जनभागीदारी : प्रशासन ने आम नागरिकों और जागरूक किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध भंडारण या संदिग्ध परिवहन दिखे, तो तुरंत सूचना दें।
बेमेतरा प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों के हौसले पस्त हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल शुरुआती है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा।
