जांजगीर-चाम्पा

अकलतरा JSW प्लांट विवाद : ‘हक की लड़ाई’ या ‘वसूली का धंधा’? FIR में फर्जी किसान आंदोलन का सनसनीखेज पर्दाफाश…

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में किसान आंदोलन के नाम पर चल रहे एक बड़े ‘उगाही रैकेट’ का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। अकलतरा के नरियरा स्थित JSW पावर प्लांट के गेट पर महीनों से चल रही अशांति का अंत तब हुआ, जब पुलिस ने आंदोलन का चेहरा बने सत्यप्रकाश निर्मलकर और ज्योति नोरगे को संगीन धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

​पुलिसिया जांच और FIR (अपराध क्रमांक 0656/2025) ने यह साबित कर दिया है कि यह प्रदर्शन किसानों के लिए नहीं, बल्कि निजी बैंक बैलेंस भरने के लिए रचा गया एक सुनियोजित षड्यंत्र था।

रिकॉर्ड में ‘शून्य’, दावों में ‘शहंशाह’ : जमीन का फर्जीवाड़ा – आंदोलन की सबसे बड़ी बुनियाद यह थी कि ये लोग ‘प्रभावित किसान’ हैं। लेकिन जब राजस्व विभाग ने रिकॉर्ड खंगाले, तो सच सामने आ गया – आरोपी सत्यप्रकाश और ज्योति के नाम पर प्लांट के लिए एक इंच जमीन का भी अधिग्रहण नहीं हुआ था। बिना किसी कानूनी आधार के ये लोग खुद को पीड़ित बताकर ग्रामीणों को गुमराह कर रहे थे और कंपनी को डरा-धमकार अवैध वसूली की कोशिश कर रहे थे।

22 दिसंबर का ‘ब्लैक मंडे’ : नेशनल हाईवे से प्लांट गेट तक अराजकता – पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 22 दिसंबर की सुबह 8:00 बजे इन आरोपियों ने सारी हदें पार कर दीं:

  • मानव ढाल का प्रयोग : खुद को बचाने के लिए इन्होंने महिलाओं और बच्चों को गेट के सामने बैठा दिया।
  • हिंसा और बदसलूकी : प्लांट के सुरक्षा अधिकारी प्रकाश और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज (BNS 296) और मारपीट की कोशिश की गई।
  • आवागमन ठप : मुख्य द्वार जाम होने से नेशनल हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई और प्लांट के सैकड़ों स्थानीय मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया।

‘वसूली’ का मास्टरप्लान : बातचीत नहीं, सिर्फ पैसा चाहिए – FIR में स्पष्ट उल्लेख है कि JSW प्रबंधन ने जब भी इन लोगों से उनकी समस्याओं पर बात करनी चाही, इन्होंने कोई जायज मांग रखने के बजाय ‘अवैध आर्थिक लाभ’ (Blackmailing) की मांग की। पैसे न मिलने पर प्लांट में तोड़फोड़ करने और अधिकारियों को झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गईं।

शातिर आपराधिक इतिहास – यह पहली बार नहीं है जब ये नाम विवादों में आए हों। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि:

  • सत्यप्रकाश और ज्योति के खिलाफ अकलतरा में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
  • मुलमुला थाने में इनके विरुद्ध ठगी (Fraud) का मामला भी चल रहा है। यह साफ है कि ‘आंदोलन’ इनके लिए कानून से बचने और पैसे कमाने का एक पेशा बन चुका था।

कानून का शिकंजा: इन धाराओं में हुई कार्रवाई

​अकलतरा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

उद्योगों और विकास के लिए कड़ा संदेश – इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों को बंधक बनाकर निजी स्वार्थ साधने वाले ‘फर्जी नेताओं’ की अब खैर नहीं। पुलिस अब उन सफेदपोश चेहरों की भी तलाश कर रही है, जो पर्दे के पीछे से इन अपराधियों को शह दे रहे थे।

अकलतरा पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के वास्तविक किसानों और औद्योगिक इकाइयों ने राहत की सांस ली है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!