रायगढ़ में खनिज माफियाओं पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : 4 दिनों में 17 वाहन जब्त, प्रशासन के तेवर से हड़कंप!…

रायगढ़ | जिले में खनिज माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। पिछले 96 घंटों के भीतर खनिज विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए अवैध परिवहन में लगे 17 भारी वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई ने जिले के अवैध उत्खनन और परिवहन सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है।
कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड : कहाँ और क्या पकड़ा गया? – खनिज विभाग की टीम ने पुसौर, खरसिया और रायगढ़ क्षेत्र में मोर्चा संभालते हुए निम्नलिखित कार्रवाई की:
- 15 दिसंबर: रेत के अवैध खेल में लगे 09 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
- 17 दिसंबर: पुसौर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर (Limestone) का अवैध परिवहन करता 01 ट्रेलर जब्त।
- 18 दिसंबर: रेत चोरी में संलिप्त 07 अन्य वाहनों को प्रशासनिक शिकंजे में लिया गया।
सख्त कानूनी शिकंजा : नहीं बचेंगे माफिया – जब्त किए गए सभी वाहनों को पुसौर, खरसिया थाना और कलेक्टर परिसर में पुलिस की कड़ी निगरानी में खड़ा किया गया है। वाहन मालिकों के खिलाफ केवल मामूली जुर्माना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 (नियम 71) और MMDR एक्ट 1957 की सख्त धाराओं (21, 23-क) के तहत केस दर्ज किया गया है।
“खनिज संपदा की चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। यह तो बस शुरुआत है, अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान और भी तेज होगा।”
मुख्य भूमिका : कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देश पर खनिज निरीक्षक सोमेश्वर सिन्हा और उनकी टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। विभाग की इस सक्रियता ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो रात के अंधेरे में जिले की खनिज संपदा का दोहन कर रहे थे।




