दुर्ग

भिलाई का ‘हैवान’ प्रेमी : पहले की शराब पार्टी, फिर प्रेमिका को मौत के घाट उतारकर लाश के साथ की दरिंदगी ; खूनी शराब पार्टी और सनक का वो मंजर…

भिलाई। के कोसानगर में पिछले 5 महीनों से तुलाराम बंजारे और आरती निर्मलकर पति-पत्नी की तरह लिव-इन में रह रहे थे। 5 दिसंबर की शाम मौत का सन्नाटा पसरा था। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी, लेकिन नशे की खुमारी जल्द ही खूनी संघर्ष में बदल गई। विवाद आरती की शराब पीने की लत और घर के पैसों को लेकर हुआ। गुस्से में पागल तुलाराम ने आरती को तमाचे जड़े, उसका गला दबाया और फिर पूरी ताकत से उसका सिर दीवार पर दे मारा। आरती के सिर से खून का फव्वारा फूटा और वह वहीं ढेर हो गई।

लाश को ‘छोटा’ करने की वीभत्स साजिश : हत्या के बाद तुलाराम के सिर पर सवार खून का जुनून कम नहीं हुआ। उसने पकड़े जाने के डर से जो किया, वह किसी कसाई की सोच से भी परे था:

  • सबूतों को जलाया : उसने आरती के तन से सारे कपड़े उतारे और उन्हें घर के चूल्हे में डालकर राख कर दिया।
  • शव को मोड़ा : लाश को बोरी में फिट करने के लिए उसने आरती के पैरों को घुटनों से मोड़ा और प्लास्टिक की रस्सियों से जकड़ दिया। शरीर को इस कदर बांधा गया कि वह किसी बेजान वस्तु की तरह एक छोटी सी गठरी बन गई।
  • बोरी में पैकिंग : इसके बाद उसने शव को प्लास्टिक की बोरी में ठूंसकर सिलाई कर दी।

आधी रात को मौत का ‘सर्कस’: ऑटो में लाश लेकर घूमते रहे हत्यारे : ​इस खौफनाक खेल में तुलाराम ने अकेले जोखिम नहीं उठाया। उसने अपने भाई गोवर्धन और ऑटो ड्राइवर दोस्त शक्ति भौयर को बुलाया। तीनों ने मिलकर लाश को ऑटो में लादा। किसी फिल्मी विलेन की तरह ये तीनों आधी रात को भिलाई की सड़कों पर लाश लेकर घूमते रहे। वे चंद्रा-मौर्या अंडरब्रिज के पास घंटों खड़े रहे, लोगों के सोने का इंतजार करते रहे। जैसे ही तड़के 3 बजे सन्नाटा हुआ, उन्होंने उस बोरी को नाली के कीचड़ में फेंक दिया।

8 दिनों का रहस्य: नाली में पड़ी रही लाश, टैटू ने खोला राज : हैरानी की बात यह है कि 5 दिसंबर से 13 दिसंबर तक वह लाश नाली में सड़ती रही, लेकिन किसी राहगीर या सुरक्षा गार्ड की नजर उस पर नहीं पड़ी। 13 दिसंबर को जब पुलिस ने बोरी बरामद की, तो पहचान करना नामुमकिन था। पुलिस ने एक सुराग पकड़ा—आरती के हाथ पर बने टैटू। आरती ने अपने दो पूर्व पतियों (सुरेश और लखन) के नाम गुदवाए थे। इन्हीं टैटू की तस्वीर जब सोशल मीडिया पर फैली, तो एक परिचित महिला ने पहचान की और पुलिस को तुलाराम तक पहुँचा दिया।

खुलासा : ‘वो शराब पीकर पैसे चुराती थी’ – पुलिस की कड़ी पूछताछ में तुलाराम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि आरती शराब की आदी थी और नशे में बेकाबू होकर मोहल्ले में विवाद करती थी। वह तुलाराम की जेब से पैसे चुराकर शराब पी जाती थी, जिससे वह तंग आ चुका था। इसी रंजिश में उसने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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