सरगुजा में रिश्तों का खूनी अंत : तलाक के मुकदमे से बौखलाए दामाद ने 5 लाख में दी ससुर की सुपारी; पलामू से बुलाए कातिल, किराएदार बनकर आए बदमाशों ने चाकुओं से गोदकर उतारा मौत के घाट, 3 गिरफ्तार…

सरगुजा। पवित्र पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी रोंगटे खड़े करने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर को दहला कर रख दिया। कोर्ट में चल रहे तलाक के केस से झल्लाए दामाद ने अपने ही ससुर को रास्ते से हटाने का ऐसा खतरनाक षड्यंत्र रचा, जिसकी पटकथा किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं थी। ससुर को सबक सिखाने की सनक में दामाद ने 5 लाख रुपये की सुपारी देकर झारखंड से भाड़े के हत्यारे बुलवाए। किराएदार बनकर घर में घुसे बदमाशों ने ससुर पर चाकुओं से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, कातिलों के इस खूनी मंसूबे को सरगुजा पुलिस ने चंद घंटों में बेनकाब करते हुए मुख्य साजिशकर्ता दामाद समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया।

किराए का मकान देखने का बहाना और सीने पर चाकुओं के ताबड़तोड़ वार – दिल दहला देने वाली यह घटना 16 सितंबर की सुबह करीब 10:15 बजे रसूलपुर इलाके में घटी। मृतका की बेटी सादिया शारीन सिद्दीकी के घर तीन अनजान युवक पहुंचे। उन्होंने बड़े सलीके से सादिया के पिता वसीरुद्दीन सिद्दीकी से खाली मकान किराए पर लेने की बात शुरू की। वसीरुद्दीन अभी उनसे बात कर ही रहे थे कि तीनों दरिंदों ने अचानक अपनी जेबों से धारदार चाकू निकाल लिए और बुजुर्ग वसीरुद्दीन पर पिल पड़े। जब तक घरवाले कुछ समझ पाते, हमलावरों ने उनके पेट और सीने को चाकुओं से छलनी कर दिया और मौके से फरार हो गए। खून से लथपथ वसीरुद्दीन को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जिंदगी और मौत के बीच लड़ते हुए आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।
बेटी की जुबानी : ‘केस वापस नहीं लिया तो पूरे परिवार को मिटा दूंगा’ – वारदात के बाद बदहवास बेटी सादिया शारीन सिद्दीकी ने पुलिस को जो बताया, उससे पूरे मामले की दिशा ही बदल गई। सादिया का अपने पति मो. नाजिम शबा के साथ लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट में तलाक तक पहुंच चुका था। नाजिम लगातार सादिया और उसके मायके वालों को धमकियां दे रहा था कि यदि उन्होंने कोर्ट से मुकदमा वापस नहीं लिया, तो वह पूरे परिवार की लाशें बिछा देगा। इस बयान के आधार पर कोतवाली पुलिस ने धारा 109(1), 3(5) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी।
पुलिस का चक्रव्यूह : सीमाएं सील, फॉरेंसिक टीम और साइबर सेल का साझा ऑपरेशन – हत्या की खबर मिलते ही डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने मामले की कमान अपने हाथ में ली। उनके कड़े निर्देश पर एएसपी रितेश चौधरी और सीएसपी राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में कोतवाली थाना, साइबर सेल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमें फौरन घटनास्थल पर उतरीं। जिले के सभी सीमावर्ती रास्तों, चौराहों और नाकों पर सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया गया ताकि कोई भी परिंदा सरगुजा की सीमा लांघ न सके।
5 लाख में ससुर की मौत का सौदा : अजिरमा के कमरे में बनी थी खूनी पटकथा – पुलिस ने शक के आधार पर सबसे पहले दामाद नाजिम शबा को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। खाकी की सख्ती के आगे नाजिम टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साज़िश का पर्दाफाश कर दिया।
- साजिश की शुरुआत : नाजिम ने बताया कि ससुर वसीरुद्दीन को खत्म करने के लिए उसने 5 लाख रुपये में सुपारी का सौदा तय किया था।
- शूटरों की एंट्री : झारखंड के चैनपुर (पलामू) से कंचन कुमार और उसके साथियों को विशेष रूप से अंबिकापुर बुलवाया गया।
- अड्डे पर प्लानिंग : नाजिम ने सभी हमलावरों को तकिया निवासी गुड्डू उर्फ नेजारूउद्दीन के अजिरमा स्थित किराए के कमरे में ठहराया। वहीं बैठकर हत्या की अंतिम योजना बनाई गई।
- वारदात का अंजाम : योजना के मुताबिक कंचन कुमार अपने दो अन्य साथियों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर रसूलपुर पहुंचा और किराएदार के भेष में वसीरुद्दीन को चाकुओं से गोद डाला।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये तीन आरोपी:
- मो. नाजिम शबा (उम्र 30 वर्ष) – मुख्य साजिशकर्ता (मृतक का दामाद), निवासी तकिया सरनापारा, रनपुर खुर्द, अंबिकापुर।
- कंचन कुमार (उम्र 28 वर्ष) – सुपारी किलर/हमलावर, निवासी किनी इंद्रानगर, थाना चैनपुर, जिला पलामू (झारखंड)।
- नेजारूउद्दीन उर्फ गुड्डू (उम्र 32 वर्ष) – साजिश में भागीदार व पनाहगाह, निवासी तकिया पानी टंकी, अंबिकापुर।
खून से सने कपड़े, बाइक और टिकट बरामद; अन्य फरार आरोपियों पर शिकंजा
तकनीकी संसाधनों और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने शूटर कंचन कुमार को धर दबोचा। कंचन की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई टीवीएस मोटरसाइकिल, खून से लथपथ कपड़े और भागने की फिराक में ली गई बस टिकट जब्त कर ली गई है। इसके साथ ही पनाह देने वाले नेजारूउद्दीन उर्फ गुड्डू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
वसीरुद्दीन की इलाज के दौरान मौत होने के बाद पुलिस ने प्रकरण में बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या), 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) और 238 (साक्ष्य छिपाना) जोड़ दी है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और वे भी बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।




