रायगढ़ के चक्रधर समारोह से अगवा कर लैलूंगा के 16 वर्षीय किशोर को पत्थरों से कुचला : लव ट्रायंगल में खूनी वारदात, 24 घंटे में दोनो कातिल गिरफ्तार…

रायगढ़। सांस्कृतिक नगरी रायगढ़ में एकतरफा प्यार की सनक, रंगदारी और अंधी नफरत ने 16 वर्ष के एक मासूम किशोर की बेरहमी से बलि ले ली। प्रसिद्ध चक्रधर समारोह का उल्लास उस वक्त मातम में तब्दील हो गया, जब मेले की भीड़ से अगवा कर एक नाबालिग को सुनसान प्लॉट में ले जाया गया और भारी पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। सनसनीखेज वारदात के बाद हरकत में आई कोतवाली पुलिस ने त्वरित वैज्ञानिक विवेचना, फोरेंसिक साक्ष्य और सटीक मुखबिरी के दम पर महज 24 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए दोनों कातिलों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मेले की चकाचौंध के बीच रची गई खौफनाक साजिश – घटना 14 सितंबर की रात की है। लैलूंगा के मूल निवासी और वर्तमान में रामभांठा में रह रहे परिवार का 16 वर्षीय बेटा घर से यह कहकर निकला था कि वह चक्रधर समारोह देखने जा रहा है। रामलीला मैदान में चल रहे समारोह के दौरान वह अपनी एक परिचित किशोरी के साथ मौजूद था।
इसी दौरान बैकुंठपुर निवासी शिवम बानी (23 वर्ष) की नजर उन दोनों पर पड़ गई। शिवम बानी उक्त किशोरी से लंबे समय से एकतरफा प्रेम करता था और उसे किशोर के साथ देखना उसके गले नहीं उतरा। ईर्ष्या की आग में झुलसे बानी ने अपने आदतन बदमाश साथी शिवम बरेठ (20 वर्ष) के साथ मिलकर तत्काल खूनी साजिश रच डाली।
फोन छीना, ₹1,000 की रंगदारी मांगी और सुनसान डिपो में ले जाकर किया कत्ल –योजना के तहत दोनों आरोपियों ने किशोर को रामलीला मैदान के पास धोखे से तलब किया। वहां पहुंचते ही आदतन अपराधी शिवम बरेठ ने गुंडागर्दी दिखाते हुए किशोर का मोबाइल छीन लिया और धमकी दी – “अगर फोन वापस चाहिए, तो 1,000 रुपये देने होंगे।”
इसके बाद दोनों जबरन किशोर को कोसाबाड़ी के सामने, पुराने बस डिपो के पास स्थित संजय बेरीवाल के खाली प्लॉट की तरफ ले गए। सुनसान इलाके में ले जाकर आरोपियों ने किशोर पर किशोरी से दोबारा न मिलने का दबाव बनाया। जब किशोर ने दबंगई और इस धमकी का पुरजोर विरोध किया, तो विवाद हिंसक रूप ले बैठा। गुस्से में पागल हुए दोनों आरोपियों ने पास पड़े वजनी पत्थरों को उठाया और बेबस किशोर के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। किशोर जब तक लहूलुहान होकर अचेत नहीं हो गया, तब तक वार किए जाते रहे। दम तोड़ने के बाद आरोपी शव को झाड़ियों और मलबे के बीच छोड़कर मौके से फरार हो गए।
सुबह मिला खून से लथपथ शव, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य – 15 सितंबर की सुबह जब खाली प्लॉट में स्थानीय लोगों ने खून से सनी लाश देखी, तो समूचे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से मुआयना कर तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पिता ने क्षत-विक्षत शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में की। पुलिस ने तत्काल शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 541/2026, धारा 103(1) BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत हत्या का जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की।
24 घंटे में पर्दाफाश: ऐसे टूटे शातिर कातिल – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देश, एडिशनल एसपी अनिल सोनी व सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन तथा डीएसपी राहुल उईके के सुपरविजन में नगर कोतवाल अमित तिवारी की अगुवाई वाली टीम ने तफ्तीश की कमान संभाली।
- कड़ी से कड़ी जुड़ी : गवाहों और मुखबिरों से जानकारी मिली कि मृतक को आखिरी बार चक्रधर समारोह में बैकुंठपुर निवासी शिवम बरेठ और शिवम बानी के साथ विवाद करते देखा गया था।
- वैज्ञानिक पूछताछ में टूटा तिलस्म : पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदेहियों को हिरासत में लिया। शुरुआत में दोनों लगातार गुमराह करते रहे और घटना से साफ मुकर गए। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और परिस्थितिजन्य कड़ियों को सामने रखकर कड़ाई व वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो दोनों के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
- साक्ष्य बरामद व क्राइम सीन रिक्रिएशन : आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का लूटा हुआ मोबाइल फोन और घटना के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा पुलिस टीम आरोपियों को पुराने बस डिपो स्थित घटनास्थल पर ले गई, जहां पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रिक्रिएशन कराया गया।
आपराधिक पृष्ठभूमि का है मुख्य आरोपी बरेठ – पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी शिवम बरेठ आदतन बदमाश प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ पहले भी मारपीट और गुंडागर्दी के संगीन मामले थाना कोतवाली में दर्ज हैं। वहीं शिवम बानी की एकतरफा सनक ने एक बेकसूर किशोर की जिंदगी छीन ली। पुलिस ने दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कानून हाथ में लेने वालों पर होगी नजीर बनने वाली कार्रवाई : एसएसपी
“कानून अपने हाथ में लेने और हिंसा का सहारा लेकर किसी की जिंदगी छीनने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस का रुख बेहद सख्त और स्पष्ट है। हत्या जैसे जघन्य अपराधों में त्वरित विवेचना, पुख्ता साक्ष्य संकलन और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे अपराधियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।”
शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
सराहनीय भूमिका : इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझाने में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, एसआई ऐनु कुमार देवांगन, प्रशिक्षु उप-निरीक्षक हर्ष चन्द्राकर, आरक्षक कमलेश यादव, हरेन्द्र जगत, जितेन्द्र दुबे, सत्या यादव एवं कोमल तिवारी की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
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