अंबिकापुर में मानसिक प्रताड़ना ने ली युवती की जान : गांधीनगर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी ज्ञान तिवारी को दबोचा, भेजा जेल…

भाग 3
सरगुजा। लगातार रोक-टोक और मानसिक टॉर्चर से तंग आकर फांसी के फंदे पर झूलने वाली युवती के मामले में गांधीनगर पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने युवती को खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले आरोपी ज्ञान प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी के पास से घटना से जुड़ा मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
रोक-टोक और प्रताड़ना से टूट चुकी थी मृतिका – मामला 12 सितंबर 2026 का है, जब गांधीनगर थाना क्षेत्र में युवती का शव उसके ही घर में फंदे से लटकता मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। जांच के दौरान जब मृतिका के परिजनों और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, तो प्रताड़ना की खौफनाक सच्चाई सामने आई। बयानों से स्पष्ट हुआ कि आरोपी ज्ञान तिवारी मृतिका पर हर बात में रोक-टोक करता था और उसे इस कदर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था कि आहत होकर युवती ने मौत को गले लगा लिया।
सख्त धाराओं में केस दर्ज, मोबाइल भी जब्त – सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मुक्तिपारा निवासी 27 वर्षीय ज्ञान प्रकाश तिवारी उर्फ ज्ञान तिवारी (पिता रामेश्वर तिवारी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जुर्म के पुख्ता प्रमाण मिलते ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) के तहत अपराध क्रमांक 574/26 दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम – थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में उप निरीक्षक दिलीप दुबे, सहायक उप निरीक्षक धनंजय पाठक, आरक्षक राहुल सिंह, रमन मण्डल, अरविन्द उपाध्याय, ऋषभ सिंह, अमरेश सिंह और घनश्याम देवांगन ने मामले की तत्परता से जांच कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
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