बालोद

बालोद के एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र ने लगाई फांसी : पीटी के दौरान कमरा नंबर 16 में उठाया आत्मघाती कदम, प्रबंधन और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल…

बालोद।  जिले में संचालित डौंडी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कक्षा 10वीं के 15 वर्षीय छात्र विनय कुमार ने छात्रावास के कमरा नंबर 16 में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे स्कूल परिसर और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

पीटी के बहाने रुका था हॉस्टल में – ग्राम रीवागहन (खेरथा) निवासी विनय कुमार (पिता कामता राम) रोज़मर्रा की तरह सुबह हॉस्टल में ही मौजूद था। सुबह जब बाकी सभी छात्र शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) के लिए मैदान में गए, तब विनय पीटी में शामिल न होकर कमरे में ही रुक गया। कुछ देर बाद जब सहपाठी पीटी खत्म कर हॉस्टल लौटे, तो कमरा नंबर 16 का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। विनय फंदे पर झूल रहा था। बच्चों के शोर मचाने पर स्टाफ मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक छात्र की सांसें थम चुकी थीं।

प्रशासनिक अमला मौके पर, सुसाइड नोट की तलाश जारी – घटना की सूचना मिलते ही डौंडी थाना पुलिस और सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास विभाग) तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर पंचनामा कार्रवाई शुरू की।

  • ​कमरे की गहन तलाशी ली गई ताकि कोई सुसाइड नोट या सुराग मिल सके।
  • ​पुलिस छात्र के बैग, नोटबुक और निजी सामान की जांच कर रही है।
  • ​शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।

प्रबंधन की निगरानी पर उठे तीखे सवाल – एकलव्य जैसे प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय में इस तरह की घटना ने हॉस्टल अधीक्षकों और सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • ​जब सभी बच्चे पीटी के लिए निकले, तब हॉस्टल वार्डन या अटेंडेंट ने यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया कि कोई छात्र कमरे में अकेला न छूटे?
  • ​क्या छात्र लंबे समय से किसी मानसिक तनाव, पढ़ाई के दबाव या रैगिंग जैसी स्थिति से जूझ रहा था?
  • ​हॉस्टल में छात्रों की नियमित काउंसलिंग की क्या व्यवस्था थी?

डौंडी पुलिस का कहना है कि छात्र के परिजनों, रूममेट्स और शिक्षकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सहपाठियों से पूछताछ के बाद ही साफ हो पाएगा कि 10वीं के इस होनहार छात्र ने इतना खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

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