जशपुर : सराइटोला के महेश्वरी मेडिकल पर कब चलेगा CMHO का हंटर? पत्रकार की फोन पर सीधी शिकायत के बाद क्या स्वास्थ्य विभाग करेगा सील, या नियमों को ठेंगा दिखाने वाले संचालक वरुण को मिलेगा अभयदान?…

जशपुर। जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत सराइटोला में स्वास्थ्य नियमों को ताक पर रखकर दवा का कारोबार चलाने वाले महेश्वरी मेडिकल पर अब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की क्या कार्रवाई होगी? क्या स्वास्थ्य विभाग कागजी खानापूर्ति करेगा या सराइटोला पहुंचकर इस संदिग्ध मेडिकल स्टोर के लाइसेंस और रजिस्टरों की सघन जांच कर सीधे सील करने की कार्रवाई करेगा? यह सवाल तब और अधिक गहरा गया है जब स्थानीय पत्रकार शेखर जायसवाल द्वारा सीधे CMHO को फोन कर इस मेडिकल स्टोर की आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी गई।
शिकायत दर्ज होते ही जहां लकड़ामुड़ा निवासी संचालक वरुण में भारी खलबली मच गई, वहीं अब पूरे क्षेत्र की निगाहें स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।
क्या CMHO की जांच के डर से बौखलाया संचालक? ऑडियो में धमकियों के पीछे का सच क्या है? – जैसे ही संचालक को पता चला कि पत्रकार ने सीधे CMHO कार्यालय में फोन कर उसकी पोल खोल दी है, उसने संयम खो दिया। सामने आई फोन रिकॉर्डिंग कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- जांच से बचने के लिए झूठे आरोप क्यों? क्या स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से ध्यान भटकाने के लिए संचालक वरुण ने पत्रकार पर रुपयों के लेन-देन और जातिसूचक टिप्पणियों की मनगढ़ंत कहानी गढ़ी?
- प्रमाण मांगने पर चुप्पी क्यों? पत्रकार ने जब साफ लफ्जों में कहा कि यदि कोई आरोप है तो उसका प्रमाण सक्षम अधिकारियों के सामने रखें, तब संचालक के पास कोई ठोस साक्ष्य क्यों नहीं था?
- धमकी भरा अंदाज क्यों? क्या लकड़ामुड़ा बुलाने और देख लेने की धमकी देकर संचालक CMHO तक पहुंची शिकायत को दबाना चाहता है?
पत्रकार का सीधा सवाल: क्या नियमों की धज्जियां उड़ने पर शिकायत करना अपराध है? – संचालक द्वारा फोन पर की गई बदजुबानी और झूठे आरोपों पर पत्रकार शेखर जायसवाल ने दो टूक रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सराइटोला में मेडिकल स्टोर नियमों की अवहेलना कर संचालित होगा, तो CMHO से शिकायत अवश्य होगी। सवाल यह उठता है कि क्या धमकियों और झूठे आरोपों के डर से जनहित की पत्रकारिता झुक जाएगी?
CMHO और ड्रग विभाग से जनता के तीखे सवाल: कब होगी महेश्वरी मेडिकल पर सख्त कार्रवाई?
पत्रकार द्वारा CMHO को सीधे फोन पर दी गई सूचना के बाद अब गेंद स्वास्थ्य विभाग के पाले में है। क्षेत्र की जनता सीधे प्रशासन से जवाब मांग रही है:
- फार्मासिस्ट की उपस्थिति: क्या सराइटोला स्थित महेश्वरी मेडिकल पर पंजीकृत फार्मासिस्ट स्वयं बैठकर दवाएं दे रहा है, या केवल किराए के लाइसेंस के सहारे दुकान चलाई जा रही है?
- शेड्यूल एच/एच1 का हिसाब: क्या मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर के पर्चे के प्रतिबंधित और नशीली दवाएं तो नहीं बेची जा रही हैं? क्या इसका वैध विक्रय रजिस्टर मेंटेन है?
- लाइसेंस निरस्तीकरण कब: जनस्वास्थ्य से जुड़े इन गंभीर सवालों के बाद क्या CMHO और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम सराइटोला पहुंचकर महेश्वरी मेडिकल पर औचक छापा मारेगी? क्या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित या निरस्त किया जाएगा?
अब देखना यह होगा कि CMHO कार्यालय पत्रकार की सीधी शिकायत पर कितनी तत्परता दिखाता है, या फिर स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी के बीच नियम विरुद्ध मेडिकल का संचालन यूं ही जारी रहेगा।




