रायगढ़

धर्मजयगढ़ : “मदद की तो बना दिया मुजरिम!” पत्रकार रवि गुप्ता पर ब्लैकमेलिंग के आरोप, महिला एक्टिविस्ट सरोज केरकेट्टा ने खोला पुलिस और सिस्टम के खिलाफ मोर्चा…

भाग 3

रायगढ़। मदद की गुहार लेकर पहुंची एक लाचार पीड़िता की पैरवी करना बिलासपुर की सामाजिक कार्यकर्ता सरोज केरकेट्टा के लिए जी का जंजाल बन गया है। आरोप है कि जिस महिला को न्याय दिलाने और ठगी के ₹2 लाख वापस कराने के लिए उन्होंने दिन-रात एक किया, उसी मामले में अब उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित और ब्लैकमेल किया जा रहा है।

धर्मजयगढ़ एसडीओपी कार्यालय के सामने अपने हाथों में साक्ष्यों का पुलिंदा लेकर खड़ी सरोज केरकेट्टा ने रायपुर के पत्रकार रवि गुप्ता, स्थानीय पुलिस और संबंधित पीड़िता के बदले हुए सुरों पर तीखे प्रहार किए हैं।

क्या है पूरा मामला? – सरोज केरकेट्टा के अनुसार, रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ अनुविभाग क्षेत्र अंतर्गत एक महिला ने रोते-बिलखते हुए उनसे मदद मांगी थी। पीड़िता का दावा था कि उसके निजी विवाद को निपटाने के नाम पर रायपुर के पत्रकार रवि गुप्ता ने उससे ₹2 लाख की ठगी की है।

  • एसडीओपी जांच और दबाव : सरोज के हस्तक्षेप और एसपी स्तर पर शिकायत के बाद जब जांच धरमजयगढ़ एसडीओपी तक पहुंची, तो कथित आरोपी ने दबाव में आकर पीड़िता को ₹1.5 लाख वापस किए।
  • अचानक बदला पासा : सरोज का आरोप है कि रुपये वापस मिलते ही पीड़िता के सुर बदल गए और उसने उन्हीं के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी।
  • आने-जाने का खर्च बना ‘विवाद’ : बिलासपुर से करीब 150-150 किलोमीटर दूर धरमजयगढ़ के 4 फेरे लगाने और टीम के पेट्रोल-खाने के एवज में पीड़िता ने स्वेच्छा से ₹17,000 दिए थे, जिसे अब जबरन वसूली का रूप देने की साजिश की जा रही है।

गंभीर आरोप : व्हाट्सएप पर धमकियां और मानसिक उत्पीड़न – सरोज केरकेट्टा ने आरोप लगाया कि पत्रकार रवि गुप्ता द्वारा उन्हें व्हाट्सएप पर अभद्र भाषा और नोटिस व सेकंड एफआईआर की धमकियां देकर मानसिक रूप से तोड़ा जा रहा है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें आत्महत्या तक के विचार आने लगे।

“जब हम आईजी साहब के पास गए, तो हमें सीधे क्रिमिनल की तरह देखा गया। क्या हमारा कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड है? क्या किसी दुखी महिला की मदद करना अपराध है? आज कलयुग का यह हाल है कि मदद करने वाले को ही कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।” –  सरोज केरकेट्टा

निष्पक्ष जांच और उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार – हाथों में कॉल रिकॉर्ड्स, चैट और लेनदेन के साक्ष्य दिखाते हुए सरोज ने बिलासपुर आईजी, एसपी और धरमजयगढ़ एसडीओपी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं करती है, तो यह संदेश साफ जाएगा कि समाज में किसी लाचार की मदद करना खुद अपनी गर्दन फंसाने जैसा है।

पूर्व में प्रकाशित खबर :

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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