सरगुजा : 14 वर्षीय आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म मामला को दबाने वाले ‘मददगारों’ पर पुलिस का शिकंजा : फर्जी पंचनामा बनाने और रिश्वत का लालच देने वाले 7 लोगों पर नामजद FIR दर्ज…

सरगुजा। जिले में नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने कठोर रुख अपनाया है। वारदात को दबाने और पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपये का लालच देकर पंचनामा (समझौता पत्र) बनवाने वाले 7 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं, मुख्य आरोपी उप-सरपंच के पति तरुण कुमार जायसवाल को बिहार के पटना से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
नौकरी के बहाने दरिंदगी और मुंह में ठूंसा कपड़ा – कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी 7वीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा 20 जुलाई को उप-सरपंच के घर घरेलू काम और खाना बनाने गई थी। आरोप है कि उप-सरपंच के पति तरुण जायसवाल ने छात्रा को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
8 लाख रुपये में ‘सौदा’ और फर्जी लेन-देन का पंचनामा – वारदात के अगले ही दिन (21 जुलाई) आरोपी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए पीड़िता के पिता पर दबाव बनाया और 8 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया। साक्ष्य छुपाने और पुलिस कार्रवाई रोकने के लिए बाकायदा एक पंचनामा तैयार कराया गया। इसमें घटना को छुपाकर यह दर्शाया गया कि पीड़िता के पिता और आरोपी के बीच 8 लाख रुपये का ‘आपसी लेन-देन’ है, जिसमें से 4 लाख रुपये नकद दिए जा चुके हैं और बाकी 4 लाख रुपये फरवरी 2027 में ‘धान बेचकर’ चुकाए जाएंगे।
ग्रामीणों का आक्रोश और पटना से आरोपी की गिरफ्तारी – 22 जुलाई को करीब 100 ग्रामीणों के साथ पीड़ित परिवार कोतवाली थाना पहुंचा और प्राथमिकी दर्ज कराई। भनक लगते ही आरोपी अंबिकापुर स्थित अपने फ्लैट से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर पटना में उसकी महिला मित्र के साथ धर दबोचा।
दबाव बनाने वाले 7 मददगारों पर भी केस दर्ज – पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने और साक्ष्य मिटाने की साजिश में शामिल 7 लोगों तथा आरोपी के 2 अन्य सहयोगियों के खिलाफ धारा 21(2), 249(b), और 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
- पंचनामा में हस्ताक्षर करने वाले आरोपी: विवेक पैकरा, अशोक जायसवाल, सरजू तिर्की, नान साय, नोहर साय, विशुन राम और जगजीवन राम।




