लैलूंगा जनपद में भ्रष्टाचार का ‘डिजिटल मॉडल’ : कागजों पर चमचमाई सड़क, ई-पोर्टल पर डला ‘ओके’, पर धरातल पर सिर्फ कीचड़ और गड्ढे!…

- बिना ₹1 का कंक्रीट ढाले ₹1,15,800 का ऑनलाइन आहरण; उपसरपंच ने उजागर की फर्जीवाड़े की परतें, तो सामने आई आधी लैलूंगा की बदहाल तस्वीर!…
रायगढ़। जिले के जनपद पंचायत लैलूंगा में विकास की आड़ में सरकारी बजट के खुलेआम गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी पंचायत राज व्यवस्था की साख पर सवालिया निशान लगा दिया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए शुरू किए गए ई-ग्राम स्वराज और PFMS (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) जैसे पारदर्शी डिजिटल सिस्टम को ही लैलूंगा में “डिजिटल डकैती” का जरिया बना लिया गया है।
ताजा मामला ग्राम पंचायत कुपाकानी के आश्रित गांव मांझीआमा का है, जहाँ पंचायत के जिम्मेदारों ने बिना एक तसला गिट्टी-सीमेंट डाले ही कागजों पर सीसी रोड का निर्माण पूरा दिखा दिया और सामग्री क्रय के नाम पर ₹1,15,800 का फर्जी भुगतान सफलता पूर्वक आहरित भी कर लिया!

डिजिटल ‘सबूत’ जो खोल रहे गबन की पूरी पोल – डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर दर्ज आधिकारिक दस्तावेजों के बारीकी से विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा वित्तीय अपराध है:
भुगतान रिकॉर्ड का कच्चा-चिट्ठा (PFMS Document Analysis) :

कमीशन का गणित : स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनपद पंचायत से लेकर आरईएस (RES) विभाग तक कमीशन का ऐसा तय फिक्स-नेटवर्क बैठा है कि निर्माण की गुणवत्ता जांचने की जहमत कोई अधिकारी नहीं उठाता।
अब आर-पार की लड़ाई : 3 बड़ी कड़े कदमों की मांग – भ्रष्टाचार के इस नंगे नाच के खिलाफ ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। प्रशासन से निम्नलिखित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है:
- FIR और जेल दाखिला : बिना कार्य किए ₹1,15,800 का फर्जी भुगतान निकालने वाले सचिव लीलाधर सिदार, सरपंच दुलारी बाई और संबंधित सप्लायर फर्म ‘मित्तल ट्रेडर्स’ के खिलाफ गबन, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
- राशि की वसूली : फर्जीवाड़े से निकाली गई शत-प्रतिशत राशि दोषियों के वेतन और संपत्ति से रिकवर की जाए।
- CEO और SDO के कार्यकाल का निष्पक्ष ऑडिट : जनपद पंचायत लैलूंगा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के SDO/सब-इंजीनियर के कार्यकाल में स्वीकृत सभी तकनीकी स्वीकृतियों, भुगतान अभिलेखों और गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी व वित्तीय जांच कराई जाए।
संपादकीय टिप्पणी / निष्पक्षता का संकल्प : यह विस्तृत खोजी रिपोर्ट स्थानीय प्रतिनिधियों, जमीनी पड़ताल, जन-आक्रोश और सरकारी पोर्टल (PFMS) पर उपलब्ध आधिकारिक ऑनलाइन साक्ष्यों पर आधारित है। यदि इस संबंध में जनपद प्रशासन, संबंधित सरपंच, सचिव या ठेकेदार/फर्म अपना आधिकारिक पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हैं, तो उसे भी निष्पक्षता के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




