महा-खुलासा : हत्या को पहनाया ‘करंट’ का चोला! सूरजपुर में सरेआम गुंडागर्दी, खाकी की खामोशी और एक दिव्यांग पिता के बहते आंसू!…

सूरजपुर। क्या किसी इंसान को जानवरों की तरह पीट-पीटकर मार डालना और फिर उसे ‘करंट लगने से मौत’ बता देना इतना आसान है? सूरजपुर जिले के ग्राम कोट से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खौफनाक दास्तान सामने आई है, जो पुलिसिया सिस्टम और कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा है। एक 60 साल का बेबस और दिव्यांग पिता अपने 20 साल के जवान बेटे की हत्या के बाद न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन रक्षक बनी पुलिस ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट’ की आड़ में हत्यारों को बचाने का खुला खेल खेल रही है!
खौफनाक रात : गालियां, किडनैपिंग और मौत का तांडव! – यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि 22 जून 2026 की रात ग्राम कोट में खेला गया मौत का असली खेल है।
- घर के बाहर से अगवा: 60 वर्षीय दिव्यांग अमरसाय का 20 वर्षीय बेटा भीम सिंह अपने ही घर के दरवाजे पर खड़ा था।
- हमलावरों का कहर: तभी गांव का लखन सिंह वहां बाइक से धड़धड़ाते हुए पहुंचा और गालियां देते हुए भीम पर मुक्कों की बरसात कर दी। शोर सुनकर उसका साथी धनीराम भी आ धमका।
- गला दबाकर ले गए: दोनों ने सरेआम भीम का गला दबाया, उसे जबरन बाइक पर लादा और देवमूरत साहू के घर ले गए।
- लाठी-डंडों से पीटकर हत्या और करंट का ड्रामा: आरोप है कि तीनों (लखन, धनीराम और देवमूरत) ने मिलकर भीम को लाठी-डंडों से तब तक पीटा जब तक उसकी जान नहीं निकल गई। अपने खौफनाक जुर्म को छिपाने के लिए इन दरिंदों ने लाश को करंट लगाकर इसे एक ‘हादसा’ साबित करने की खौफनाक साजिश रची!
‘खाकी’ पर दाग: हत्यारों को छूट, लाचार पिता को दुत्कार! – सबसे बड़ा सवाल सूरजपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है।
- 25 जून 2026 को जब रोता-बिलखता दिव्यांग पिता अमरसाय सूरजपुर थाने पहुंचा, तो पुलिस ने एफआईआर (FIR) लिखने से दो टूक मना कर दिया।
- पुलिस वालों ने बेरहमी से कहा, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही रिपोर्ट लिखेंगे”।
- पूरा गांव इस दिल दहला देने वाली घटना का चश्मदीद है, लोगों को पूरी सच्चाई पता है, फिर भी पुलिस के हाथ क्यों कांप रहे हैं? क्या पुलिस को किडनैपिंग और मारपीट के लिए भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है?
एसपी दफ्तर में आखिरी गुहार : क्या मिलेगा न्याय? – सिस्टम से हार चुके उस दिव्यांग पिता ने अब 30 जून 2026 को सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) के पास लिखित शिकायत देकर न्याय की भीख मांगी है। अमरसाय ने अपनी शिकायत में लखन, धनीराम और देवमूरत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डालने की मांग की है।
बड़ा सवाल : एक 20 साल के नौजवान की सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है! क्या सूरजपुर में अब कानून का नहीं, बल्कि गुंडों का राज चलेगा? क्या इस दिव्यांग पिता को न्याय मिलेगा या बेटे की फाइल सिस्टम की धूल फांकती रह जाएगी? यह खबर हर उस आम इंसान के लिए एक चेतावनी है, जो सोचता है कि पुलिस उसकी सुरक्षा के लिए खड़ी है!



