रायगढ़

ऑपरेशन तलाश : रायगढ़ पुलिस की बड़ी मानवीय जीत, एक महीने में 251 परिवारों की खुशियां लौटीं…

रायगढ़। पुलिस ने जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” के तहत अप्रैल माह में एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने केवल 30 दिनों के भीतर 251 गुमशुदा इंसानों को ढूंढ निकाला है, जिनमें 36 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल बिछड़े हुए लोग अपने परिजनों से मिले, बल्कि कई परिवारों के सूने आंगन में दोबारा रौनक लौट आई है।

दूसरे राज्यों तक पहुंची खाकी : दिल्ली से पंजाब तक चला सर्च ऑपरेशन –  रायगढ़ पुलिस की टीमें गुमशुदा बच्चों और युवाओं की तलाश में केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहीं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के आधार पर दिल्ली, पंजाब (जालंधर), अंबिकापुर और चंद्रपुर जैसे दूरदराज के इलाकों में दबिश दी। लैलूंगा पुलिस ने एक गुमशुदा को दिल्ली से बरामद किया, तो वहीं जूटमिल पुलिस की टीम पंजाब के जालंधर तक पहुंची ताकि एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित वापस लाया जा सके।

आंकड़ों में सफलता की कहानी – जिले के विभिन्न थानों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया :

  • थाना लैलूंगा : सबसे अधिक 42 लोगों को दस्तयाब कर प्रथम स्थान पर रहा।
  • थाना भूपदेवपुर : शत-प्रतिशत परिणाम देते हुए माह में दर्ज सभी नाबालिगों को खोज निकाला।
  • अन्य थाने : चक्रधरनगर (29), जूटमिल (27), पूंजीपथरा (24), कोतवाली (23) और पुसौर (23) ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

शोषकों पर चला कानून का डंडा : पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई – अभियान के दौरान पुलिस ने केवल बरामदगी ही नहीं की, बल्कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले अपराधियों पर कड़ा प्रहार भी किया। जूटमिल, पूंजीपथरा और कोतवाली पुलिस ने कई ऐसे मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने नाबालिगों का शारीरिक शोषण किया था। इन आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया है।

“नाबालिगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को बहला-फुसलाकर भगाने या उनका शोषण करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। कानून का डर ऐसा होना चाहिए कि कोई मासूमों की तरफ नजर उठाने से पहले दस बार सोचे।”

शशि मोहन सिंह, एसएसपी रायगढ़

महत्वपूर्ण सफलताएं (केस स्टडी)

  • 24 घंटे में बरामदगी : कोतवाली पुलिस ने डभरा से एक 13 वर्षीय बालिका को मात्र 24 घंटे के भीतर खोज निकाला।
  • पंजाब से वापसी : जूटमिल पुलिस ने जालंधर (पंजाब) से एक नाबालिग को सुरक्षित बचाकर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा।
  • कड़ी कानूनी कार्रवाई : चंद्रपुर और अंबिकापुर से बरामद नाबालिगों के मामलों में आरोपियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

टीम वर्क का नतीजा : यह पूरा अभियान एएसपी अनिल सोनी, डीएसपी उन्नति ठाकुर और अन्य राजपत्रित अधिकारियों की विशेष मॉनिटरिंग में सफल रहा। जिले के थानों और चौकियों की इस सक्रियता ने जनता के बीच पुलिस की छवि को और अधिक मानवीय और विश्वसनीय बनाया है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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