रायपुर में ‘जल माफिया’ का दुस्साहस : पाइपलाइन में डाका, कार्रवाई करने गई निगम टीम को पार्षद पुत्रों ने घेरा…FIR दर्ज…

रायपुर। राजधानी के जोन-1 अंतर्गत वीरांगना अवंति बाई वार्ड में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और दादागिरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर की प्यास बुझाने वाली मुख्य ‘राइजिंग पाइपलाइन’ में सेंधमारी कर अवैध कनेक्शन लेने वाले रसूखदारों ने न केवल कानून की धज्जियाँ उड़ाईं, बल्कि जांच करने पहुंचे निगम अधिकारियों को बंधक बनाकर सरकारी काम भी रुकवा दिया।
पुलिस ने इस मामले में स्थानीय पार्षद खगपति सोनी के दो बेटों, एक ठेकेदार और अन्य उपद्रवियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की है।
मुख्य पाइपलाइन को किया क्षतिग्रस्त, पीलिया का खतरा बढ़ा – मामले का खुलासा तब हुआ जब कार्यपालन अभियंता नरसिंह फरेन्द्र को सूचना मिली कि 450 MM की मुख्य पाइपलाइन को काटकर उसमें 4 इंच का अवैध कनेक्शन जोड़ दिया गया है।
- खतरनाक लापरवाही : नाले के पास पाइपलाइन में छेद करने से लीकेज बढ़ गया था। इससे गंदा पानी टंकियों में पहुँचने और शहर में पीलिया व जलजनित बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा पैदा हो गया।
- लाखों का नुकसान : निगम ने इस अवैध करतूत से सरकारी खजाने को करीब 2.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
पार्षद पुत्रों की ‘गुंडागर्दी’ : भीड़ बुलाकर अधिकारियों को घेरा – जब निगम की इंजीनियरिंग टीम अवैध कनेक्शन काटने पहुंची, तो पार्षद पुत्र आकाश सोनी और लीलाधर सोनी ने समर्थकों और स्लम बस्ती के लोगों के साथ मिलकर अधिकारियों का घेराव कर दिया।
”अधिकारियों को घंटों तक मौके से हिलने नहीं दिया गया। नारेबाजी कर दहशत का माहौल बनाया गया ताकि अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई रोकी जा सके।”
शहर में गहरा सकता है जल संकट – निगम प्रशासन के मुताबिक, यदि इस पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत नहीं की गई, तो जोन-1 और जोन-2 के कई इलाकों में पानी की सप्लाई ठप हो सकती है। मरम्मत कार्य में पूरा एक दिन लगेगा, जिससे भीषण गर्मी के बीच राजधानी में जल संकट गहराने की पूरी आशंका है।
प्रशासन का सख्त रुख : “बख्शा नहीं जाएगा” – रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
”हमने अवैध कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं। सरकारी पाइपलाइन से छेड़छाड़ करने वालों और काम रोकने वालों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
वर्तमान स्थिति : खमतराई पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शहर के जागरूक नागरिक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या जनप्रतिनिधियों के परिजन ही शहर की व्यवस्था को पंगु बनाने का काम करेंगे?




