जशपुर

जशपुर पुलिस का कड़ा प्रहार : नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर ओडिशा भगाने वाला आरोपी सलाखों के पीछे…

जशपुर। मासूमों की सुरक्षा और अपराधियों पर नकेल कसने के अपने अभियान में जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। कोल्हेंझरिया चौकी क्षेत्र से एक नाबालिग छात्रा को शादी का झांसा देकर अगवा करने और उसके साथ अनाचार करने वाले आरोपी इष्टा राणा (22 वर्ष) को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

परीक्षा देने निकली थी छात्रा, रास्ते से हुई गायब – घटना 24 फरवरी 2026 की है, जब कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी। रास्ते में अपनी सहेलियों को “लघुशंका” का बहाना बनाकर वह रुक गई और वहीं से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गई। जब स्कूल से फोन आया कि छात्रा परीक्षा देने नहीं पहुँची, तब परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए चौकी कोल्हेंझरिया में मामला दर्ज कराया।

ओडिशा के गांव में दबिश, पुलिस ने बिछाया जाल – मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिरों को सक्रिय किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद लोकेशन ट्रैक हुई, जिससे पता चला कि आरोपी इष्टा राणा छात्रा को लेकर सीमावर्ती राज्य ओडिशा के एक गांव में छिपा बैठा है। जशपुर पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी के चंगुल से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को हिरासत में लिया।

प्यार का झांसा और फिर दरिंदगी – पूछताछ में दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ। आरोपी ने फोन के जरिए नाबालिग से दोस्ती की थी और उसे शादी का सपना दिखाकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ओडिशा ले गया था। वहाँ उसने पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध (अनाचार) बनाया।

कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई – पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध सख्त कानूनी रुख अपनाते हुए BNS की धारा 137(2), 64(2)(M), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

“अपराधियों के लिए जशपुर में कोई जगह नहीं है। हमारी टीम ने तत्परता दिखाते हुए न केवल पीड़िता को सुरक्षित बचाया, बल्कि आरोपी को भी उसके अंजाम तक पहुँचाया।”  – पुलिस प्रशासन

मुख्य भूमिका : इस सफल ऑपरेशन में चौकी प्रभारी एएसआई विपिन किशोर केरकेट्टा, प्रधान आरक्षक मुकेश भगत, फ्रांसिस बेक, आरक्षक बलराम पैंकरा, इग्नेशियूस टोप्पो और महिला आरक्षक ब्रिजीनिया टोप्पो का विशेष योगदान रहा।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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