बजरमुड़ा ग्राम पंचायत में ‘कागजी विकास’ का खुला खेल? RTI के शिकंजे में फंसे तमनार के जिम्मेदार!…

रायगढ़। जनपद पंचायत तमनार के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बजरमुड़ा में 15वें वित्त आयोग के तहत हुए विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार के काले बादल मंडराने लगे हैं। एक आरटीआई (RTI) आवेदन ने पंचायत से लेकर जनपद कार्यालय तक हड़कंप मचा दिया है। मामला सूचना छिपाने से बढ़कर अब भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) के तहत ‘आपराधिक कृत्य’ की श्रेणी की ओर मुड़ता दिख रहा है।
जियो-टैग तस्वीरों और MB ने फंसाया पेच : ग्राम पंचायत बजरमुड़ा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान हुए कार्यों की असलियत जानने के लिए मांगी गई जानकारी ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अपीलकर्ता ने भुगतान का आधार बनने वाली मेजरमेंट बुक (MB) के प्रमाणित पन्नों के साथ-साथ कार्य की तीनों अवस्थाओं (शुरू, मध्य और पूर्ण) की जियो-टैग तस्वीरों की मांग की है।
“नियमतः पोर्टल पर अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) के साथ फोटो अपलोड करना अनिवार्य है, लेकिन आशंका है कि बजरमुड़ा में बिना भौतिक सत्यापन के ही सरकारी खजाने से भुगतान ‘पास’ कर दिए गए।”
मस्टर रोल : क्या कागजों पर ही चल रही हैं कुदालें? – विकास कार्यों में मानव श्रम की पुष्टि के लिए मस्टर रोल (Muster Roll) की सत्यापित प्रतियों की मांग की गई है। अक्सर पंचायतों में मशीनों से काम कराकर फर्जी मस्टर रोल के जरिए भुगतान निकालने की शिकायतें आती हैं। यदि मस्टर रोल और कार्यस्थल की जियो-टैग तस्वीरें मेल नहीं खातीं, तो यह सीधे तौर पर गबन का मामला बनेगा।
प्रथम अपील (320260218010148) : PIO पर गिरी गाज – जन सूचना अधिकारी (PIO) द्वारा धारा 7(1) के तहत निर्धारित 30 दिनों में जानकारी उपलब्ध न कराना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। प्रथम अपील में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि रिकॉर्ड अन्यत्र होने का बहाना बनाकर धारा 6(3) का पालन न करना ‘सूचना को दुर्भावनापूर्ण तरीके से रोकना’ है।
BNS-2023 की धाराओं का सख्त पहरा : इस मामले में सबसे बड़ी चेतावनी BNS-2023 की धारा 198 और 240 के उपयोग की दी गई है। अब यह मामला केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रहेगा; यदि भ्रामक जानकारी दी गई या तथ्यों को छिपाया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर ‘आपराधिक मुकदमा’ दर्ज होने की तलवार लटक रही है।
बजरमुड़ा के ग्रामीणों में चर्चा तेज : क्या 15वें वित्त आयोग का पैसा वाकई धरातल पर लगा है या वह केवल फाइलों में ही ‘बजर’ (मजबूत) हुआ है? रायगढ़ जिला प्रशासन की चुप्पी अब सवालों के घेरे में है।




