मुंगेली

मुंगेली : उपयंत्री सोनल जैन विवादों के घेरे में; सरपंच ने लगाया मूल्यांकन के बदले ‘3% कमीशन’ मांगने का आरोप, तो सचिव संघ ने खोला मोर्चा…

मुंगेली। जिले की जनपद पंचायत में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ जहाँ ग्राम पंचायत बिरगहनी की सरपंच ने उपयंत्री (तकनीकी सहायक) पर निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ पंचायत सचिव संघ ने उपयंत्री द्वारा अन्य अधिकारियों पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों को झूठा बताते हुए कलेक्टर से शिकायत की है।

मामला नंबर 1 : मूल्यांकन के लिए कमीशन की मांग -ग्राम पंचायत बिरगहनी की सरपंच श्रीमती रत्ना मिलन कुर्रे ने जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायत भेजी है। पत्र के अनुसार, ग्राम बिरगहनी में ‘आदर्श ग्राम योजना’ के तहत आर.सी.सी. नाली निर्माण (अंजोरी के घर से कुशल के घर तक) स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य तीन महीने पहले ही पूरा हो चुका है।

​सरपंच का आरोप है कि कार्य पूरा होने के बावजूद तकनीकी सहायक श्रीमती सोनल जैन ने न तो मौके का मुआयना किया और न ही कार्य का मूल्यांकन किया। सरपंच ने अपने पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है कि बार-बार निवेदन करने पर भी उपयंत्री मूल्यांकन नहीं कर रही हैं और “सीधे तीन परसेंट (3%) की डिमांड” करती हैं। सरपंच ने परेशान होकर समय पर मूल्यांकन करवाने की गुहार लगाई है।

मामला नंबर 2: सचिव संघ ने उपयंत्री के खिलाफ खोला मोर्चा : इस विवाद का दूसरा पहलू तब सामने आया जब ‘छत्तीसगढ़ प्रदेश पंचायत सचिव संघ, ब्लॉक मुंगेली’ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। सचिव संघ ने उपयंत्री सोनल जैन द्वारा जिला सीईओ, जनपद सीईओ, अन्य उपयंत्रियों और जनप्रतिनिधियों पर लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों को पूरी तरह निराधार और छवि धूमिल करने वाला बताया है।

​संघ के अध्यक्ष अजय कुमार दीवान द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि सोनल जैन पिछले दो वर्षों से अधिकारियों और नेताओं पर अनर्गल आरोप लगा रही हैं और आत्महत्या जैसी धमकी दे रही हैं। संघ का दावा है कि सच्चाई यह है कि सोनल जैन के प्रभार वाले क्षेत्रों के सरपंच और सचिव उनके कार्य (मूल्यांकन में देरी) से असंतुष्ट हैं, जिसकी शिकायतें पहले भी सीईओ से की गई हैं। संघ ने उपयंत्री के कृत्यों की निंदा करते हुए तत्काल उचित कार्यवाही की मांग की है।

इन दोनों पत्रों से यह स्पष्ट होता है कि मुंगेली जनपद पंचायत में ‘कमीशन खोरी’ और ‘प्रशासनिक खींचतान’ का खेल चल रहा है। जहाँ एक तरफ सरपंच के पत्र से सोनल जैन पर काम के बदले पैसे मांगने का आरोप सिद्ध करने की कोशिश की जा रही है, वहीं सचिव संघ इसे अधिकारियों के खिलाफ रची गई साजिश बता रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या जांच बैठाता है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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