कागजों पर सफाई, सड़क पर तबाही: पहली ही बारिश में बिलासपुर के सिस्टम की उड़ी धज्जियां, VIP से लेकर आम जनता तक अंधेरे में!…

बिलासपुर। सोमवार की शाम बिलासपुर के लिए राहत से ज्यादा आफत बनकर आई। दिनभर आसमान से बरसती आग के बाद शाम को आई आंधी-बारिश ने नगर निगम और बिजली विभाग के खोखले दावों की पूरी तरह से पोल खोल दी। पहली ही झमाझम बारिश में स्मार्ट सिटी की सड़कें ‘तालाब’ बन गईं और वीआईपी (VIP) से लेकर आम जनता तक घंटों घुप्प अंधेरे में सिसकती रही।

निगम का सफेद झूठ : 3 बार सफाई के दावे पानी में बहे – नगर निगम ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि बारिश से पहले शहर के नालों और नालियों की तीन-तीन बार सफाई कराई गई है। लेकिन पहली ही बारिश ने निगम के इस ‘कागजी विकास’ को धो डाला।
- प्रमुख सड़कें, चौक-चौराहे और रिहायशी इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए।
- जल निकासी का कोई इंतजाम न होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर आ गया, जिससे आम जनता और व्यापारियों का आवागमन दूभर हो गया।
- दावों की हवा निकलते देख महापौर ने अब जोन कमिश्नरों को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देकर रस्म अदायगी की है।
सिस्टम का ‘फ्यूज’ उड़ा : VIP रसूख भी अंधेरे में हुआ गुम – थोड़ी सी तेज आंधी क्या आई, शहर का पूरा बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हालात इतने बदतर थे कि शहर का आधे से ज्यादा हिस्सा घंटों ब्लैकआउट रहा। बिजली विभाग की नाकामी का आलम यह था कि कलेक्टर, कमिश्नर, जज और शहर विधायक के बंगले वाले अति-सुरक्षित VIP इलाके में भी रात 11 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी।
खस्ताहाल बिजली व्यवस्था की बानगी देखिए :
- कलेक्टर बंगले के पास : 11 केवी की हाई वोल्टेज लाइन टूट गई, जिससे पूरा VIP इलाका अंधेरे में डूब गया।
- तिफरा और मोपका : इन सबस्टेशनों से निकलने वाली 33 केवी की मेन लाइन ही ब्रेकडाउन हो गई।
- अरपा पार (बिरकोना से चांटीडीह) : यहां 11 केवी लाइन के एक-दो नहीं, बल्कि नौ इंसुलेटर एक साथ फट गए, जिससे रात 10 बजे तक आपूर्ति ठप रही।
- शनिचरी सबस्टेशन : यहां का करंट ट्रांसफार्मर (सीटी) ही फट गया, जिससे आसपास 4 घंटे बिजली गुल रही।
हादसे : कलेक्टर बंगले के पास कार पर गिरा पेड़ – तेज आंधी का कहर ऐसा था कि कलेक्टर बंगले के पास एक विशाल पेड़ सीधे सड़क से गुजर रही एक कार पर जा गिरा। गनीमत यह रही कि कार में सवार लोगों की जान बच गई, लेकिन कार बुरी तरह डैमेज हो गई और बिजली के तार टूट गए। आईजी तिराहे के पास भी ऐसा ही हादसा हुआ, जहां पेड़ तारों पर गिरा और एक अन्य कार क्षतिग्रस्त हो गई। देर रात तक निगम का अमला बस पेड़ हटाने और तार जोड़ने में ही हांफता नजर आया।
तपती भट्टी के बाद नाकामी की बारिश – जून के महीने में बिलासपुर का मौसम लोगों का कड़ा इम्तिहान ले रहा है। पिछले 13 दिनों में 8 बार बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा है। सोमवार को भी पारा 38 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक) पर उबल रहा था। पूरे महीने मात्र 16.1 मिमी बारिश हुई थी।
देर शाम बारिश ने उमस और गर्मी से राहत तो दी, लेकिन सरकंडा, मंगला, गोलबाजार, व्यापार विहार, विद्यानगर और दयालबंद सहित शहर के लगभग दो दर्जन से अधिक इलाकों में रात भर पसरे अंधेरे ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या प्रशासन मानसून की असली चुनौतियों के लिए जरा भी तैयार है? मौसम विभाग ने आज भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है, ऐसे में देखना होगा कि शहर का जर्जर सिस्टम आज कितने झटके झेल पाता है।




