रायगढ़

खबर का महा-असर : लैलूंगा में झुका प्रशासन, भरा गया ‘मौत का गड्ढा’! रसूखदारों की साजिश पर फिरा पानी…

लैलूंगा। इसे कहते हैं चौथे स्तंभ की ताकत! लैलूंगा बस स्टैंड के पास मुख्य चौक पर जिस ‘मौत के गड्ढे’ को प्रशासन और भू-माफिया नजरअंदाज कर रहे थे, खबर प्रकाशित होने के चंद घंटों के भीतर ही उसे आनन-फानन में पाट दिया गया है। खबर का वार इतना सटीक था कि अधिकारियों को अपनी कुर्सी बचाना भारी पड़ गया और मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू करना पड़ा।

प्रमुख बिंदु : जो हुआ वो जनता की जीत है

  • हवा हुई माफियाओं की अकड़ : बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जे की फिराक में बैठे रसूखदारों के मंसूबों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
  • रात भर चली फाइलें, सुबह पहुंचा अमला : खबर वायरल होते ही प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई थी।
  • सुरक्षित हुए राहगीर : 4 फीट गहरे उस जानलेवा गड्ढे को भरकर सड़क की नींव को ढहने से बचा लिया गया है।

बैकफुट पर विभाग : आखिर डर किसका था? – कल तक जो अधिकारी “जांच करेंगे” का रटा-रटाया जुमला बोल रहे थे, वे आज कार्रवाई मोड में नजर आए। मुख्य मार्ग की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इस गड्ढे को पाटने के लिए भारी मशीनरी लगानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मीडिया ने इस मुद्दे को पूरी धार के साथ न उठाया होता, तो प्रशासन आज भी कुंभकर्णी नींद में सोया रहता।

अभी जंग बाकी है : सिर्फ गड्ढा भरना काफी नहीं! – गड्ढा तो भर गया, लेकिन लैलूंगा की जनता अब भी कुछ कड़वे सवाल पूछ रही है:

  • दोषियों पर FIR कब? सरकारी सड़क को नुकसान पहुँचाने और धर्मशाला की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  • अवैध बाउंड्री का क्या? क्या प्रशासन उस बाउंड्री वॉल को गिराने की हिम्मत दिखाएगा जो खुलेआम शासकीय भूमि पर तान दी गई है?
  • जिम्मेदारी किसकी? इस लापरवाही से जो खतरा पैदा हुआ, क्या उसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?

जनता की हुंकार: “खबर ने बचा ली जान” – बस स्टैंड चौक के व्यापारियों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है, “यह गड्ढा नहीं, प्रशासन की नाकामी का स्मारक था। शुक्र है कि किसी बड़े हादसे से पहले इसे भर दिया गया।”

प्रशासन ने गड्ढा भरकर अपना चेहरा बचाने की कोशिश तो की है, लेकिन लैलूंगा की जागरूक जनता और मीडिया की पैनी नजर अब भी उस ‘कब्जे वाली बाउंड्री’ पर टिकी है। देखना होगा कि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करता है या फिर लीपापोती करके मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।

खबर अभी खत्म नहीं हुई है… कार्रवाई होने तक नजर बनी रहेगी!

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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