रायगढ़

पत्थलगांव से चलकर रायगढ़ में फैलाया था आतंक : मोबाइल शॉप से बैंक की तिजोरी तक थी नजर; शातिर अरसलान और उसके गुर्गे पुलिस के शिकंजे में!…

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो न केवल मोबाइल दुकानों में हाथ साफ कर रहा था, बल्कि बड़े बैंकों को लूटने की खतरनाक साजिशें भी रच रहा था। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में घरघोड़ा पुलिस ने प्रोफेशनल तफ्तीश करते हुए 5 आरोपियों और 1 नाबालिग को दबोचकर उनके पास से 26.47 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है।

(श्री शशि मोहन सिंह – एसएसपी रायगढ़)

मोबाइल दुकान से शुरू हुआ सफर, बैंक वोल्ट तक पहुँचा – फरवरी माह में कुडुमकेला की एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी ने पुलिस के कान खड़े कर दिए थे। इसके बाद मार्च में धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक और जूटमिल स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में लूट के असफल प्रयासों ने हड़कंप मचा दिया। पुलिस ने जब कड़ियाँ जोड़ीं, तो पता चला कि इन सभी वारदातों के पीछे एक ही मास्टरमाइंड और उसका गिरोह था।

इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग थानों में दर्ज प्रकरणों का खुलासा किया है।

(थाना घरघोड़ा में मोबाइल दुकान चोरी के मामले में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 62/2026 के तहत धारा 112(2), 61(2), 3(5) BNS के अंतर्गत संगठित अपराध का मामला दर्ज किया गया है।)
(ग्रामीण बैंक धरमजयगढ़ में नकबजनी के प्रयास पर अपराध क्रमांक 63/2026 दर्ज किया गया है…)
( थाना जूटमिल में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) पटेलपाली में चोरी की कोशिश पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 86/2026 दर्ज है, जिनमें अब इन गिरफ्तार आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 331(4), 305(A) BNS के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।)

वारदात का तरीका : रेकी, लग्जरी कार और साक्ष्य मिटाने की जिद – यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था :

  • रेकी : गिरोह का सरगना मोहम्मद अरसलान (पत्थलगांव) अपने साथियों के साथ पहले हाईवे किनारे स्थित दुकानों और बैंकों की रेकी करता था।
  • लग्जरी गाड़ियाँ : वारदातों को अंजाम देने के लिए मारुति सियाज और महिंद्रा XUV-500 जैसी महंगी कारों का इस्तेमाल किया जाता था।
  • टेक्नोलॉजी से छेड़छाड़ : आरोपियों ने बैंकों में चोरी के प्रयास के दौरान पहचान छिपाने के लिए CCTV कैमरा सिस्टम तक उखाड़ लिया था।

कैसे टूटी गिरोह की कमर? – एसएसपी के निर्देश पर घरघोड़ा टीआई कुमार गौरव साहू और उनकी टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों का जाल बिछाया। सबसे पहले सरगना अरसलान को दबोचा गया, जिसकी निशानदेही पर पत्थलगांव, छाल और मैनपाट इलाकों से अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए।

बरामदगी का ब्यौरा – पुलिस ने आरोपियों के पास से संगठित अपराध की बड़ी खेप बरामद की है :

  • 60 नग मोबाइल फोन (विभिन्न कंपनियों के नए/पुराने)।
  • दो लग्जरी कारें (सियाज और XUV-500)।
  • ब्लूटूथ स्पीकर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स।
  • कुल मशरुका: ₹26,47,100 (लगभग साढ़े 26 लाख रुपये)।

बीएनएस की धाराओं में कार्रवाई – पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2), 61(2) और 3(5) के तहत संगठित अपराध का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद अरसलान, करण महंत, अलतमस खान, जॉनसन बेक और कवलेश यादव शामिल हैं।

एसएसपी का कड़ा संदेश : “व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और बैंकों की सुरक्षा हमारी टॉप प्रायोरिटी है। रायगढ़ पुलिस ने इस संगठित गिरोह को ध्वस्त कर यह साफ कर दिया है कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। ऐसे गिरोहों पर हमारा प्रहार जारी रहेगा।” – शशि मोहन सिंह, SSP रायगढ़

पुलिस टीम की उपलब्धि : इस सफल ऑपरेशन में घरघोड़ा टीआई कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल और साइबर सेल की विशेष भूमिका रही।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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