छत्तीसगढ़बालोद

कोटागांव वन समिति अध्यक्ष के घर अवैध सागौन चिरान : अवैध कटाई और बिक्री का सनसनीखेज खुलासा

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/डौंडी। जिले में वन्य संपदा पर अब आंतरिक साजिश का साया मंडरा रहा है। डौंडी वन परिक्षेत्र के कोटागांव वन समिति अध्यक्ष अर्जुन सिंह के भुरकाभाट स्थित आवास से सागौन का चिरान की तस्वीरें सामने आई हैं जिससे हड़कंप मच गया है। जीयो लोकेशन वाली तस्वीरें सामने आने के बाद अवैध सागौन तस्करी का मामला गरमा गया है। विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता के आरोपों ने वन संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां जिम्मेदारों की निष्क्रियता संदेह को गहरा रही है।

बालोद जिले के डौंडी वन परिक्षेत्र अंतर्गत कोटागांव क्षेत्र में वन समिति अध्यक्ष अर्जुन सिंह के घर से सागौन की चिरान मिलने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। भुरकाभाट ग्राम में स्थित उनके आवास पर गुप्त सूचना के आधार पर जांच की गई, तो वहां भारी मात्रा में सागौन का चिरान पाया गया। जीयो लोकेशन तस्वीरें इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह चिरान ताजा कटाई का है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि डौंडी वन विभाग के सिपाही गोपी साहू और कोटागांव वन समिति अध्यक्ष अर्जुन सिंह की सांठगांठ से इस क्षेत्र के घने जंगलों से सागौन की अवैध कटाई और तस्करी का सिलसिला चल रहा था।

ये तस्कर रात के अंधेरे में मूल्यवान सागौन लकड़ियों को काटकर बाहर तस्करी कर रहे थे, जिससे वन क्षेत्र में व्यापक क्षति पहुंच रही थी। चिरान की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कटाई के बाद सागौन के मोटे लठ्ठों को आरे से चीरा जाता है, यह भी उसी स्थान पर हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस खुलासे के बाद वन्यजीवों के आवास और जैव विविधता पर खतरा बढ़ गया है, क्योंकि सागौन जैसे दुर्लभ वृक्षों की कटाई पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को असंतुलित कर रही है।

इस संबंध में जानकारी के लिए डौंडी वन परिक्षेत्र अधिकारी जीवन लाल भोंडेकर से संपर्क साधा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। यह विभागीय उदासीनता अवैध व्यापार को बढ़ावा देने जैसी लग रही है। वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है।

पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने तत्काल छापेमारी और आरोपीयों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि ऐसी मिलीभगत साबित हुई, तो यह वन संरक्षण नीतियों पर करारा प्रहार होगा। जिला प्रशासन को अब सक्रिय होकर मामले की निष्पक्ष जांच करनी होगी, ताकि कीमती वनों की रक्षा हो सके और अपराधियों को सजा मिले। फिलहाल, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे जनाक्रोश बढ़ रहा है।

इस संबंध में आपके माध्यम से जानकारी मिल रही है कि कोटागांव वन समिति अध्यक्ष के घर में सागौन का चिरान है। जो पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद चिंताजनक है। वही जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

अभिषेक अग्रवाल
वन मंडल अधिकारी, बालोद

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

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