बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश का शंखनाद! 10 अप्रैल से खुलेगा भविष्य का द्वार…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, प्रदेश के मध्यम और गरीब वर्गीय परिवारों के बच्चों को ‘कॉन्वेंट’ जैसी शिक्षा मुफ्त में उपलब्ध कराने वाले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों (SAGES/SGHES) में नए शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के 403 अंग्रेजी माध्यम और 348 हिंदी माध्यम स्कूलों में दाखिले की जंग 10 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है।
प्रवेश का ‘रणनीतिक’ कैलेंडर : नोट कर लें ये तारीखें – अगर आप भी अपने बच्चे का भविष्य संवारना चाहते हैं, तो इन तारीखों को अपनी डायरी में दर्ज कर लें:
- आवेदन की प्रारंभिक तिथि : 10 अप्रैल 2026
- आवेदन की अंतिम तिथि : 05 मई 2026
- लॉटरी एवं सीट आवंटन (जहाँ आवेदन ज्यादा होंगे) : 06 मई से 10 मई 2026
- प्रवेश की अंतिम कार्यवाही : 11 मई से 15 मई 2026
कड़े नियम: एक गलती और मौका हाथ से गया – संचालनालय ने इस बार नियमों को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए हैं :
- एक छात्र – एक स्कूल : कोई भी विद्यार्थी केवल एक ही विद्यालय के लिए आवेदन कर सकेगा। दोहरा आवेदन पाए जाने पर पात्रता रद्द की जा सकती है।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन विकल्प : अभिभावकों की सुविधा के लिए आवेदन दोनों माध्यमों से लिए जाएंगे।
- 25% कोटा आरक्षित : कुल रिक्त सीटों के 25 प्रतिशत पदों पर बी.पी.एल. (BPL) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाएगा।
- महतारी दुलार योजना को प्राथमिकता : कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों को “महतारी दुलार योजना” के तहत विशेष प्राथमिकता मिलेगी (CMO द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र अनिवार्य)।
क्यों खास है यह मौका? – निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस और डोनेशन के इस दौर में, स्वामी आत्मानंद स्कूल छत्तीसगढ़ सरकार का वह ‘ब्रह्मास्त्र’ है जिसने शिक्षा के बाजारीकरण को चुनौती दी है। यहाँ बच्चों को न केवल हाई-टेक लैब और लाइब्रेरी मिलती है, बल्कि निजी स्कूलों जैसी सुख-सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।
“अभिभावकों से अपील है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर सेजेस (SEGES) पोर्टल के माध्यम से या सीधे स्कूल पहुंचकर आवेदन सुनिश्चित करें।”




