रायगढ़

रायगढ़ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ : ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, दो सट्टेबाज गिरफ्तार…

रायगढ़। पुलिस कप्तान एसएसपी शशि मोहन सिंह के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान ने जिले के सट्टा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने ‘बैक-टू-बैक’ दो बड़ी कार्रवाइयां करते हुए धरमजयगढ़ और कोतवाली थाना क्षेत्र से दो सटोरियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल और नगदी बरामद की है।

व्हाट्सएप और PhonePe बना था सट्टे का अड्डा – पकड़े गए आरोपी तकनीक का सहारा लेकर सट्टे का काला कारोबार चला रहे थे। सट्टे के अंकों का मिलान व्हाट्सएप पर होता था और पैसों का लेनदेन डिजिटल वॉलेट (PhonePe) के जरिए किया जा रहा था। पुलिस ने इनके मोबाइल खंगाले हैं, जिसमें सट्टा पट्टी और लेनदेन के पुख्ता डिजिटल सबूत मिले हैं।

पहली स्ट्राइक : धरमजयगढ़ (मस्जिदपारा) – धरमजयगढ़ पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि मस्जिदपारा निवासी विरेन्द्र मिश्रा (36 वर्ष) मोबाइल पर सट्टे की खाईवाली कर रहा है। थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को रंगे हाथ दबोचा।

  • जब्ती : 01 मोबाइल, ₹870 नगद और डिजिटल रिकॉर्ड्स।
  • धारा : छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत कार्रवाई।

दूसरी स्ट्राइक : कोतवाली (ढिमरापुर) – कोतवाली पुलिस ने ढिमरापुर पुरानी बस्ती में दबिश देकर श्यामलाल भास्कर (55 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी बड़े सटोरिये ‘सानू’ के लिए कमीशन पर काम कर रहा था। पुलिस की रेड पड़ते ही मुख्य आरोपी सहनावाज मालिक उर्फ सानू फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

  • जब्ती : मोबाइल फोन, ₹1750 नगद और सट्टा पट्टी।
  • धारा : धारा 6(क) एवं 7(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध।

SSP शशि मोहन सिंह की दो टूक चेतावनी : जिले के पुलिस कप्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध का तरीका चाहे ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, बख्शा किसी को नहीं जाएगा।

“रायगढ़ जिले में सट्टा और जुआ जैसे अवैध कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। नेटवर्क से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।” _ एसएसपी शशि मोहन सिंह

इन जांबाज अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका: इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव, एएसआई मंजू मिश्रा, डेविड टोप्पो, और कोतवाली पुलिस की टीम का विशेष योगदान रहा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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