दुष्कर्म के आरोपी की बढ़ी मुश्किलें : जमानत पर छूटते ही पीड़िता को दी जान से मारने की धमकी, अब निरस्त होगी बेल…

रायगढ़। कानून को ठेंगा दिखाने और खाकी के इकबाल को चुनौती देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में जेल की हवा खाकर लौटे आरोपी बादल राजपूत ने बाहर आते ही फिर से अपनी दबंगई शुरू कर दी है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता को बीच रास्ते में रोककर केस वापस लेने और बयान बदलने की धमकी दी है। इस घटना के बाद पुलिस ने अब आरोपी की जमानत निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शादी का झांसा देकर 4 साल तक किया शोषण – मामला कोतरारोड बैकुंठपुर निवासी बादल राजपूत से जुड़ा है। आरोप है कि उसने अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 के बीच पीड़िता को शादी का झांसा देकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बनाया और बाद में शादी से मुकरते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। महिला थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मंदिर परिसर में घेराबंदी कर दी धमकी – हाल ही में जमानत पर रिहा हुए बादल राजपूत ने सुधारने के बजाय पीड़िता को डराने-धमकाने का रास्ता चुना। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि:
- 19 मार्च को जब वह अष्ट महालक्ष्मी मंदिर दर्शन करने गई थी, तब आरोपी बादल अपने साथी अनमोल अग्रवाल और अन्य लोगों के साथ वहां पहुँचा।
- आरोपियों ने पीड़िता को बीच रास्ते में रोक लिया और कोर्ट में गवाही बदलने व केस वापस लेने का दबाव बनाया।
- बात न मानने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी गई।
एक्शन में पुलिस : जमानत निरस्त करने की तैयारी – घटना के बाद पीड़िता ने कोतवाली और महिला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ जांच तेज कर दी है।
”धमकाने की शिकायत पर कोतवाली पुलिस कार्रवाई कर रही है। आरोपी फिलहाल फरार हैं। हमने आरोपी बादल राजपूत की जमानत निरस्त करने के लिए न्यायालय में आवेदन भेज दिया है।”
कुसुम केवर्त, महिला थाना प्रभारी
मुख्य बिंदु :
- आरोपी : बादल राजपूत और अनमोल अग्रवाल।
- घटनास्थल : अष्ट महालक्ष्मी मंदिर के पास।
- स्थिति : आरोपी फरार, पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं।
इस घटना ने एक बार फिर जमानत पर छूटे अपराधियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि कानून के साथ खिलवाड़ करने वाले ये आरोपी कब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहते हैं।




