बलरामपुर : वन विभाग की टीम पर दबंगई दिखाना पड़ा भारी, पत्थर तस्कर ‘ट्रैक्टर मालिक’ गिरफ्तार…

बलरामपुर। संरक्षित वनों का सीना चीरकर अवैध उत्खनन करने वाले माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे अधिकारियों से उलझने और सरकारी काम रोकने से भी गुरेज नहीं कर रहे। ताजा मामला बलरामपुर का है, जहाँ एक ट्रैक्टर मालिक ने न केवल वन विभाग की कार्रवाई को चुनौती दी, बल्कि अधिकारियों के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की भी की। पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला? – बीते गुरुवार को वन परिक्षेत्र कुसमी के प्रशिक्षु एसडीओ मणिकांत वर्मा को सूचना मिली थी कि ग्राम गजाधरपुर के संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर पत्थरों की तस्करी की जा रही है। जब टीम मौके पर पहुँची, तो एक ट्रैक्टर पत्थरों से लदा मिला। एसडीओ ने तत्काल ट्रैक्टर को जब्त कर उसे कुसमी लाने का निर्देश दिया।
बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा : कार्रवाई के दौरान असली ड्रामा कुसमी-सामरी रोड पर क्रेशर के पास शुरू हुआ। ट्रैक्टर मालिक हरिगोविंद यादव ने बीच रास्ते में अपनी दबंगई दिखाते हुए:
- चालक को भगाया : चलते ट्रैक्टर को रुकवाकर ड्राइवर को मौके से भगा दिया।
- साक्ष्य मिटाने की कोशिश : हाइड्रोलिक के जरिए सड़क पर ही सारे पत्थर पलट दिए ताकि अवैध उत्खनन का सबूत खत्म हो सके।
- अधिकारियों से बदसलूकी : ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों को भद्दी गालियां दीं और उनके साथ धक्का-मुक्की कर चोट पहुँचाने की कोशिश की।
कानून का चला चाबुक : शासकीय कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी हरिगोविंद यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न कड़ा धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
दर्ज धाराएं :
धारा 296, 223, 351(2), 221, 126(2), और 121 (शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट का प्रयास)।
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध उत्खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।




