खाकी का खौफ दिखाकर ली जान : फर्जी पुलिस बनकर युवक को धमकाया, सहमकर युवक ने दी जान; आरोपी गिरफ्तार…

जांजगीर-चांपा। जिले में एक युवक की आत्महत्या के मामले ने न केवल सनसनी फैला दी है, बल्कि यह भी उजागर किया है कि कैसे कानून के नाम का गलत इस्तेमाल किसी की जान ले सकता है। महज एक फर्जी फोन कॉल और पुलिसिया धौंस से घबराकर 25 वर्षीय युवक सनत कुमार कश्यप ने मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वायरल वीडियो ने खोला राज : मामले का खुलासा 13 मार्च 2026 को तब हुआ जब सोशल मीडिया पर मृतक सनत कुमार कश्यप का एक भावुक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सनत ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई थी कि उसे पंतोरा चौकी (बलौदा) से फोन कर गंदी गालियां दी जा रही हैं और बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी मानसिक दबाव के चलते उसने ग्राम पताढ़ी (उरगा) के पास आत्मघाती कदम उठा लिया।
बहन की तलाश में बना ‘फर्जी पुलिस’ – पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली है। आरोपी सचिन खरे (30 वर्ष) निवासी कोरबा की बहन स्नेहा खरे 12 मार्च को घर से लापता हो गई थी। सचिन को शक था कि उसकी बहन उसके ममेरे भाई धीरेंद्र पाटले के साथ गई है। धीरेंद्र का सुराग पाने के लिए सचिन ने उसके दोस्त सनत कश्यप को निशाना बनाया।
साजिश का तरीका : सचिन ने अपने भाई शैलेंद्र पाटले के फोन का इस्तेमाल किया और सनत को फोन लगाकर खुद को पंतोरा चौकी का पुलिसवाला बताया। उसने सनत को जमकर धमकाया, गालियां दीं और थाने आने का फरमान सुनाया। असली पुलिस के डर से मासूम सनत इतना सहम गया कि उसने सुसाइड कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी – जांजगीर-चांपा पुलिस ने वीडियो के आधार पर टेक्निकल टीम की मदद ली और कॉल ट्रेस किया। जांच में पाया गया कि वह फोन किसी पुलिसकर्मी ने नहीं, बल्कि सचिन खरे ने किया था।
- आरोपी : सचिन खरे (पिता मुकुंदराम खरे), निवासी गेवरा बस्ती।
- दर्ज मामला : थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 113/26, धारा 204 (BNS) के तहत।
- वर्तमान स्थिति : आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जेल भेजने की तैयारी जारी है।
सावधान : पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी अंजान नंबर से आने वाली धमकी भरी कॉल से न डरें। यदि कोई खुद को पुलिस बताकर प्रताड़ित करे, तो तुरंत नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें।




