सीवी रमन यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से छात्र लापता: 40 लाख का सट्टा और ‘गायब’ सुराग, क्या प्रबंधन की नाक के नीचे चल रहा था बड़ा खेल?…

बिलासपुर (कोटा)। न्यायधानी के कोटा स्थित प्रतिष्ठित सीवी रमन यूनिवर्सिटी के गलियारों से लेकर हॉस्टल के कमरों तक आज एक ही सवाल गूंज रहा है—कहाँ गया रोहित कुमार? लेकिन यह सिर्फ एक छात्र के लापता होने का मामला नहीं है, बल्कि यूनिवर्सिटी की सुरक्षा और अनुशासन के दावों की धज्जियां उड़ाने वाला एक काला सच है। 19 वर्षीय छात्र के कमरे से मिले 40 लाख 77 हजार 400 रुपये के लेन-देन के हिसाब ने पुलिस और प्रशासन दोनों के होश उड़ा दिए हैं।
⚠️ खबर के मुख्य बिंदु :
- लापता छात्र: रोहित कुमार (19 वर्ष), पिता- अमरेन्द्र कुमार, निवासी- गया (बिहार)।
- घटना: 6 मार्च 2026 की शाम 4 बजे से लापता।
- बरामदगी: बिना सिम का मोबाइल, सट्टे के नियम वाले नोट्स और 40 लाख से ऊपर का हिसाब।
- पुलिस कार्रवाई: गुम इंसान प्रकरण क्रमांक 29/2026 दर्ज।
ऑनलाइन गेमिंग का ‘जाल’ या कोई बड़ी साजिश? – पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। रोहित के कमरे से मिली नोटबुक में लाखों के ट्रांजेक्शन दर्ज हैं। बैंक डिटेल्स खंगालने पर 7 लाख रुपये के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसमें कई मोबाइल एप्स और व्यक्तिगत खाते शामिल हैं।
बड़ा सवाल : एक 19 साल का छात्र, जो पढ़ाई करने बिहार से बिलासपुर आया था, उसके पास लाखों रुपये का हिसाब-किताब कहाँ से आया? क्या वह किसी बड़े ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का हिस्सा बन चुका था?
हॉस्टल प्रबंधन की ‘चुप्पी’ और सुरक्षा पर सवाल : यूनिवर्सिटी प्रशासन अक्सर कैंपस को पूरी तरह सुरक्षित और अनुशासित बताने का दावा करता है, लेकिन इस घटना ने प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
- प्रबंधन को भनक क्यों नहीं लगी? हॉस्टल के भीतर छात्र सट्टेबाजी के नियम लिख रहा था और लाखों का लेन-देन कर रहा था, क्या वार्डन और प्रशासन सो रहा था?
- सूचना में देरी क्यों? छात्र 6 तारीख को लापता हुआ, लेकिन रिपोर्ट 7 तारीख को दर्ज हुई। क्या इस बीच किसी सच को छुपाने की कोशिश की गई?
- चेकिंग का अभाव: बिना सिम का मोबाइल और संदिग्ध दस्तावेज कमरे में मौजूद थे, क्या समय-समय पर हॉस्टल की जांच नहीं की जाती?
डॉग स्क्वाड और सीसीटीवी की पड़ताल : पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। डॉग स्क्वाड की टीम हॉस्टल से लेकर कोटा रेलवे स्टेशन तक खाक छान चुकी है। यूनिवर्सिटी गेट, पेट्रोल पंप और यूको बैंक के एटीएम समेत दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। छात्र ने अपनी मां को एक मैसेज भी भेजा था कि वह अपनी मर्जी से जा रहा है, लेकिन तकनीकी विफलता के कारण वह डिलीवर नहीं हो सका, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है।
निष्पक्ष जांच की उठती मांग : स्थानीय लोगों और छात्रों के अभिभावकों में भारी आक्रोश है। मांग की जा रही है कि केवल छात्र की तलाश ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की बाहरी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि कहीं यह ऑनलाइन गेमिंग का नेटवर्क यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को भी अपना शिकार तो नहीं बना रहा?
पुलिस की अपील : बिलासपुर पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रही है। यदि किसी भी नागरिक को रोहित कुमार के विषय में कोई जानकारी मिले, तो तत्काल थाना कोटा या जिला पुलिस को सूचित करें। आपकी एक सूचना किसी की जान बचा सकती है।
संपादकीय टिप्पणी : यह घटना एक चेतावनी है उन अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए जो छात्रों की ‘डिजिटल दुनिया’ से अनभिज्ञ हैं। पढ़ाई के नाम पर ‘सट्टे का बाजार’ सजना भविष्य के लिए घातक है।




