बालोद और बेमेतरा जिला कोर्ट को बम धमकी, बालोद कोर्ट भी हाई अलर्ट पर

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ में न्यायिक संस्थानों को मिल रही धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बेमेतरा जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेराबंदी में ले लिया है, जबकि बम निष्क्रियकरण दस्ता (बम स्क्वॉड) व कुत्ता दस्ता (डॉग स्क्वॉड) जांच में जुटे हैं। साइबर विशेषज्ञ ईमेल प्रेषक की तलाश में लगे हुए हैं। वर्तमान में स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है।
बालोद जिला कोर्ट में सुरक्षा बरकरार
बालोद जिला कोर्ट को भी इसी तरह का धमकीपूर्ण संदेश प्राप्त हुआ था, जिसके बाद वहां सुरक्षा घेरी कड़ी कर दी गई। भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और बम स्क्वॉड परिसर की छानबीन कर रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट को खाली कराया गया तथा उपस्थित व्यक्तियों को बाहर निकाल दिया गया। आसपास के क्षेत्रों में आवागमन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि किसी भी जोखिम को रोका जा सके।
पूर्व घटनाओं का सिलसिला
यह घटनाक्रम नया नहीं है। 24 फरवरी को बिलासपुर उच्च न्यायालय तथा बलौदाबाजार जिला कोर्ट को बम विस्फोट की धमकी ईमेल से मिली थी। सूचना पाते ही पुलिस व सुरक्षा दल सतर्क हो गए थे। दोनों स्थानों पर बम स्क्वॉड पहुंचा तथा सघन तलाशी ली गई। पड़ोसी इलाकों में भी सतर्कता बरती गई। 25 फरवरी को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को भी इसी तरह का खतरा संदेश प्राप्त हुआ, जिससे परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई।
अन्य न्यायालयों पर भी निशाना
इससे पूर्व राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा तथा जगदलपुर के न्यायालयों को समान धमकियां मिल चुकी हैं। पिछली जांचों में ये ज्यादातर फर्जी या अफवाहें साबित हुईं। फिर भी, पुलिस ईमेल के मूल स्रोत का पता लगाने हेतु साइबर फॉरेंसिक जांच तेज कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहन पड़ताल पर जोर दे रहे हैं।
न्यायिक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकियां साइबर अपराधियों द्वारा फैलाई जा रही हो सकती हैं। पुलिस ने सभी न्यायालयों में सीसीटीवी निगरानी व साइबर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया है, किंतु जांच पूरी होने तक सतर्कता बरती जा रही है।




