प्रशासन का बड़ा एक्शन : सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे ‘खाकी’ के हाथ रोके; तहसीलदार ने जारी किया स्टे ऑर्डर…

अंबिकापुर । सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ताजा मामला ग्राम अजिरमा का है, जहां एक सरकारी कर्मचारी (प्रधान आरक्षक) द्वारा शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध निर्माण को अतिरिक्त तहसीलदार न्यायालय (अंबिकापुर-02) ने तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला? – राजस्व विभाग को मिली रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम अजिरमा के खसरा नंबर 74/1 (कुल रकबा 2.480 हेक्टेयर) में से 0.700 हेक्टेयर जमीन, जो राजस्व अभिलेखों में ‘शासकीय’ दर्ज है, उस पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी।
प्रधान आरक्षक पर आरोप -हैरानी की बात यह है कि अतिक्रमण का आरोप किसी आम नागरिक पर नहीं, बल्कि सूरजपुर पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक रविन्द्र भारती पर लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, उक्त जमीन पर बिना किसी अनुमति के:
- शीट युक्त पक्का मकान बनाया जा रहा था।
- प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा था।
- जमीन पर मक्का फसल बोकर कब्जे का प्रयास किया जा रहा था।
न्यायालय का सख्त रुख: “तुरंत काम बंद करो” – मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने “कार्य रोको आदेश” जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि:
- तत्काल रोक : निर्माण कार्य को आगामी आदेश तक तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया है।
- जवाब तलब : अनावेदक रविन्द्र भारती को 09 मार्च 2026 को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना जवाब और दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया गया है।
- चेतावनी : यदि निर्धारित तिथि पर उपस्थिति नहीं दर्ज कराई गई, तो एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस और राजस्व अमले को निर्देश : इस आदेश की प्रति गांधीनगर थाना प्रभारी और हल्का पटवारी को भी भेजी गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि मौके पर जाकर काम रुकवाएं और आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें।
विशाल संदेश: यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि कानून सबके लिए बराबर है। चाहे रसूखदार हो या सरकारी विभाग का ही कोई कर्मचारी, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




