किसान की जमीन पर ‘फर्जीवाड़ा एक्सप्रेस’, मुर्दा नहीं… जिंदा इंसान के नाम पर खड़ा कर दिया फर्जी चेहरा!…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे असली मालिक की मौजूदगी में ही उसकी जमीन का सौदा कागजों पर कर दे रहे हैं। ताजा मामला मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक किसान की 1.88 एकड़ कीमती कृषि भूमि को फर्जी आधार कार्ड और फर्जी गवाहों के सहारे किसी और के नाम रजिस्टर कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला? – ग्राम दरुवनकांपा निवासी अरुण कुमार चेलकर ने बिलासपुर आईजी (IG) को सौंपी अपनी शिकायत में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पीड़ित के मुताबिक, मदकू ग्राम स्थित उसकी पुश्तैनी जमीन (खसरा नं. 345/1, 345/4, 354) पर वह आज भी खेती कर रहा है। लेकिन उसे तब गहरा धक्का लगा जब उसे पता चला कि 14 नवंबर 2025 को उसकी जानकारी के बिना ही जमीन की रजिस्ट्री किसी और के नाम कर दी गई है।

फर्जी आधार और गवाहों का खेल – शिकायत के अनुसार, भू-माफियाओं ने साजिश रचकर अरुण कुमार के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनवाया और तहसील कार्यालय में अरुण की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर दिया। इस जालसाजी को पुख्ता करने के लिए सागर (मप्र) के दो कथित गवाहों, निलेश स्टेंली और संतोष कुमार भगत को पेश किया गया।
इन पर लगा है आरोप:
- खरीददार : कृष्ण नाथानी, रवि मोटवानी और सचिन पारवानी।
- साजिश : कूटरचित दस्तावेज तैयार कर असली मालिक की जगह डमी व्यक्ति खड़ा करना।
सरकारी तंत्र की मिलीभगत की आशंका : पीड़ित किसान ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर पंजीयन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) के कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। अरुण का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। उसे इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब नामांतरण के लिए इश्तेहार जारी हुआ।
”मेरी जमीन मैंने कभी बेची ही नहीं, फिर रजिस्ट्री कैसे हो गई? रजिस्ट्री ऑफिस में मेरी जगह कौन खड़ा हुआ और अधिकारियों ने पहचान सुनिश्चित क्यों नहीं की?”
अरुण कुमार, पीड़ित किसान
एफआईआर की मांग, जांच जारी : अरुण कुमार ने 2 मार्च 2026 को आईजी बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। किसान ने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला और उसकी जमीन के कागजात दुरुस्त नहीं किए गए, तो यह शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता पर बड़ा दाग होगा।




