सरगुजा पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’ : मानव तस्करी गिरोह की मास्टरमाइंड पुणे से गिरफ्तार!…

अम्बिकापुर। सरगुजा पुलिस ने मानव दुर्व्यापार (Human Trafficking) के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। काम दिलाने के बहाने युवतियों का सौदा करने वाले एक संगठित गिरोह की मुख्य आरोपी कलावती एक्का को पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से धर दबोचा है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के कड़े तेवरों के बाद लखनपुर पुलिस ने यह सर्जिकल स्ट्राइक की है।
भोली-भाली युवतियों का ‘सौदा’ करने वाला गिरोह – पकड़ी गई आरोपी कलावती एक्का अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित अपराधी गिरोह चला रही थी। इनका नेटवर्क इतना गहरा था कि ये लड़कियों को महानगरों में अच्छी नौकरी का लालच देकर उन्हें यूपी और अन्य राज्यों के दलालों को बेच देते थे।
क्या था पूरा मामला?–
- दिसंबर 2025 : पीड़िता ने लखनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसे सिंगीटाना निवासी धनी कुजूर, अल्का टोप्पो और कलावती एक्का ने फिरोजाबाद ले जाकर एक युवक से जबरन शादी करा दी।
- 3 लाख में सौदा : पीड़िता को बाद में पता चला कि उसका 3 लाख रुपये में सौदा किया गया है। वह किसी तरह वहां से जान बचाकर भाग निकली और पुलिस की शरण ली।
- कानूनी कार्रवाई : पुलिस ने पूर्व में धनी कुजूर और अल्का टोप्पो को जेल भेज दिया था, लेकिन कलावती लगातार फरार चल रही थी।
पुणे में छिपा था ‘गुनाहगार’, पुलिस ने बिछाया जाल – आरोपी कलावती एक्का (40 वर्ष) गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र के पुणे में छिपी हुई थी। एसएसपी सरगुजा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुणे में दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने कबूला कि वह इस संगठित गिरोह का हिस्सा है।
“अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। संगठित होकर मानव तस्करी करने वालों के खिलाफ अब बी.एन.एस. की धारा 111(2)(ii) (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है। शेष आरोपियों को भी पाताल से खोज निकालेंगे।”
पुलिस प्रशासन, जिला सरगुजा
इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही मुख्य भूमिका : इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर सम्पत पोटाई, एएसआई निर्मला कश्यप, महिला आरक्षक मानिता तिग्गा और आरक्षक जगेश्वर बघेल की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही।




