रायगढ़

कोलकाता के ‘कंट्रोल रूम’ से चल रहा था रायगढ़ का सट्टा : एसएसपी शशि मोहन की टीम का बड़ा धमाका, 5 कुख्यात बुकी गिरफ्तार…

  • करोड़ों का ट्रांजैक्शन, 25 मोबाइल और हाई-टेक सेटअप बरामद; रायगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल में दी दबिश

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय क्रिकेट सट्टा गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और साहसिक कार्यवाही को अंजाम दिया है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (हावड़ा) के एक आलीशान होटल में छापेमारी कर रायगढ़ के 5 नामी सटोरियों को गिरफ्तार किया है। ये सटोरिए छत्तीसगढ़ से फरार होकर कोलकाता को अपना ‘बेस’ बनाकर देशभर में वर्ल्ड कप क्रिकेट मैचों पर करोड़ों का दांव लगवा रहे थे।

‘ऑपरेशन कोलकाता’ : ऐसे बिछाया गया जाल : ​पिछले लंबे समय से रायगढ़ पुलिस को सूचना मिल रही थी कि शहर के पुराने सटोरिए, जिनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी हैं, वे शहर छोड़कर किसी दूसरे राज्य से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साइबर सेल और थानों की एक संयुक्त टीम को इन सटोरियों को ट्रैक करने का जिम्मा सौंपा।

​तकनीकी साक्ष्यों और ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ के आधार पर पुलिस को खबर मिली कि धर्मेंद्र शर्मा, शेख मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद फारूक और रोहित बुटानी जैसे बड़े नाम कोलकाता के एक होटल में छिपे हुए हैं। एसएसपी ने तुरंत कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में एक विशेष दस्ता कोलकाता रवाना किया।

होटल का कमरा बना था ‘मिनी एक्सचेंज’ : ​जब रायगढ़ पुलिस की टीम ने हावड़ा के होटल में छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। आरोपियों ने होटल के कमरे को एक हाई-टेक कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया था।

  • JMD बेटिंग ऐप का जाल : आरोपी ‘JMD क्रिकेट बेटिंग ऐप’ के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिला रहे थे।
  • डिजिटल सेटअप : मौके से 25 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और कैलकुलेटर बरामद किए गए।
  • करोड़ों का हिसाब : पुलिस ने जब आरोपियों के रजिस्टर और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले, तो पिछले एक महीने के भीतर करोड़ों रुपयों के सट्टा लेनदेन का खुलासा हुआ। सट्टा लगाने वालों की लंबी फेहरिस्त मिली है, जिसकी जांच अब पुलिस कर रही है।

पुराने मामलों में थे ‘फरार’, अब सलाखों के पीछे : ​पकड़े गए आरोपी शातिर अपराधी हैं। इनका इतिहास सट्टेबाजी से पुराना नाता रखता है:

  • अमित अग्रवाल केस (2025) : कोतवाली थाना क्षेत्र के गांजा चौक पर हुई रेड में ये आरोपी फरार हो गए थे।
  • डिग्री कॉलेज सट्टा केस (2025) : चक्रधरनगर पुलिस द्वारा पकड़े गए अंकित बानी और भरत रोहिला के साथ मिलकर ये आरोपी बड़ा सिंडिकेट चला रहे थे।
  • 9 स्थायी वारंट तामील : इस एक कार्यवाही से रायगढ़ पुलिस ने कोतवाली के 4 और चक्रधरनगर के 5 लंबित स्थायी वारंटों को तामील करने में सफलता पाई है।

एसएसपी का सख्त रुख: “अपराधी कहीं भी छिपें, बचेंगे नहीं” – इस सफल रेड के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि रायगढ़ में जुआ और सट्टा पूरी तरह जड़ से खत्म किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

“हमारी टीम ने अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त किया है। जो सटोरिए यह सोचते थे कि दूसरे राज्य में जाकर वे सुरक्षित रहेंगे, उनकी गलतफहमी दूर हो गई है। रायगढ़ पुलिस की नजर हर उस शख्स पर है जो युवाओं को सट्टे की दलदल में धकेल रहा है।”

जप्त संपत्तियों का विवरण :

  • नगदी: ₹36,500 (तत्काल बरामद)
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 25 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट
  • कुल अनुमानित मूल्य: ₹6,50,000 (हार्डवेयर की कीमत)
  • रिकॉर्ड: करोड़ों के सट्टे का लेखा-जोखा वाला रजिस्टर।

टीम की सराहना : इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, सुरेश सिदार, प्रताप बेहरा, विकास प्रधान और साइबर स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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