खौफनाक पहेली : पंजाब से चला छत्तीसगढ़ का जांबाज, रायपुर के बदले यूपी में मिला सामान! आखिर कहां ‘गायब’ हो गया ITBP का जवान?…

कांकेर। सरहद पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाला एक जांबाज सिपाही क्या ‘अपराध के जाल’ में फंस गया है? या फिर किसी गहरी साजिश ने उसे रास्ते से ही ओझल कर दिया? छत्तीसगढ़ के कांकेर (चारामा) जिले का एक घर आज खुशियों के बदले मातम और सन्नाटे में डूबा है। लुधियाना में तैनात ITBP जवान विनोद कुमार गोटी 7 फरवरी की रात से लापता हैं, और इस मामले ने अब एक बेहद डरावना मोड़ ले लिया है।
“पापा, मैं रायपुर पहुंच रहा हूं…” – वो आखिरी शब्द और फिर खामोशी! – 7 फरवरी की रात 10 बजे। मोबाइल की घंटी बजती है। घर पर पिता खुश थे कि बेटा छुट्टी पर आ रहा है। विनोद फोन पर कहते हैं— “मैं रायपुर के करीब हूं, सुबह लेने आ जाना।” लेकिन अगली सुबह सूरज तो उगा, पर विनोद का मोबाइल ‘स्विच ऑफ’ हो गया। वो आवाज जो चंद घंटों पहले कानों में गूंजी थी, अचानक एक डरावने सन्नाटे में बदल गई।
रायपुर का टिकट, गोरखपुर में सामान! कैसे पलटी किस्मत? – इस कहानी का सबसे सनसनीखेज मोड़ तब आया जब यूपी की गोरखपुर रेलवे पुलिस (GRP) का फोन आया।
- हैरानी की बात : जो जवान छत्तीसगढ़ (रायपुर) की ट्रेन में था, उसका सामान सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्टेशन पर लावारिस पड़ा मिला!
- बड़ा सवाल : क्या जवान को नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा किया गया? या फिर किसी ‘जहरखुरानी गिरोह’ ने उसे लूटकर किसी अनजान जगह फेंक दिया?
पहेली : एक अनुशासित फौजी अपना बैग, वर्दी और पहचान पत्र छोड़कर बिना बताए कहां जा सकता है? क्या यह सिर्फ गुमशुदगी है या कोई बड़ी वारदात?
वर्दी का सम्मान या सिस्टम की लापरवाही? – परिजनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। वे गोरखपुर की गलियां छान आए, स्टेशन का कोना-कोना देख लिया, लेकिन विनोद का कोई सुराग नहीं मिला। वे केवल अपने बेटे का सामान लेकर वापस कांकेर लौट आए हैं।
- प्रशासन मौन क्यों? एक देश के रक्षक के गायब होने पर अब तक कोई ठोस सुराग क्यों नहीं?
- ITBP और पुलिस का तालमेल कहां है?
परिजनों की आंखों में आंसू, दिल में एक ही सवाल – “कहां है विनोद?” – आज पूरा कसावाही गांव सदमे में है। बूढ़े माता-पिता की पथराई आंखें दरवाजे पर टिकी हैं। प्रशासन से गुहार लगाई गई है कि रेलवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और मोबाइल लोकेशन की सघन जांच हो।



