जशपुर में “फर्जी साहब” गिरफ्तार : कलेक्ट्रेट का बड़ा अफसर बन बेरोजगारों को डसा, लाखों की ठगी कर ऐश कर रहा था आरोपी…

जशपुर।कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले एक शातिर ठग को जशपुर पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी ने दो युवकों को सिक्योरिटी गार्ड लगवाने के नाम पर 4 लाख 35 हजार रुपये की चपत लगाई थी। जशपुर सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को शहर के एक होटल से दबोच लिया है।
जमीन गिरवी रख दी, पर नौकरी नहीं मिली : ठगी की यह दास्तां दिल दहला देने वाली है। इचकेला निवासी रोहित खाखा की मां को आरोपी प्रदीप पंडा ने अपनी बातों के जाल में फंसाया। उसने खुद को कलेक्ट्रेट का रसूखदार अफसर बताया और दावा किया कि वह कलेक्ट्रेट में गार्ड की नौकरी लगवा सकता है। बेटे के भविष्य की खातिर मां ने अपनी गांव की जमीन तक गिरवी रख दी और किस्तों में 2 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए।
ठगी का “नेटवर्क” और फर्जी ऑफिस : आरोपी का हौसला इतना बुलंद था कि उसने एक और युवक, उमेश भगत को भी अपने जाल में फंसाया और उससे 2 लाख 35 हजार रुपये ऐंठ लिए। ठगी की रकम से आरोपी ने भट्टी रोड पर बाकायदा एक तथाकथित ऑफिस खोल लिया था, जहाँ उसने टेबल, कुर्सी और कंप्यूटर सेट कर रखा था ताकि लोग उसे सचमुच का बड़ा आदमी समझें।
पुलिस की “सर्जिकल स्ट्राइक” : जब नौकरी के नाम पर टालमटोल शुरू हुई, तो पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। प्रार्थी रोहित खाखा की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाई।
- आरोपी: प्रदीप पंडा (28 वर्ष), निवासी पुसौर (रायगढ़)।
- धारा: बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज।
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपी के फर्जी ऑफिस से कंप्यूटर, टेबल और कुर्सियां जप्त की हैं।
उधारी चुकाने और ऐश-मौज में उड़ाए पैसे : पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने ठगी के पैसों से अपनी पुरानी उधारी चुकाई और विलासिता के सामान खरीदे। निरीक्षक मोरध्वज देशमुख के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को होटल से गिरफ्तार किया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
“सावधान रहें! सरकारी नौकरी के लिए किसी भी व्यक्ति को कैश न दें। कलेक्ट्रेट या किसी भी विभाग में भर्ती की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है।” – जशपुर पुलिस



