कोरबा

खौफनाक : कोरबा में अंधविश्वास का तांडव, युवक ने पहले रेता अपना गला, फिर लहूलुहान हालत में कूदा कुएं में…

कोरबा (बेंदरकोना)। जिले से दिल दहला देने वाली एक वारदात सामने आई है, जहाँ अंधविश्वास और मानसिक अवसाद के घातक कॉकटेल ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। ग्राम बेंदरकोना में एक युवक ने सरेराह खुद का गला रेत कर कुएं में छलांग लगा दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई।

बीच सड़क पर ‘मौत का तांडव’ : मंगलवार का दिन बेंदरकोना गांव के लिए किसी सामान्य दिन की तरह शुरू हुआ था, लेकिन दोपहर होते-होते चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राम कृष्ण कुर्रे (रामकिशन) ने अचानक एक बेहद धारदार चाकू निकाला और बिना कुछ सोचे-समझे अपने ही गले पर वार कर दिया।

गले से फूटती खून की धार और हाथों में चमकता चाकू लिए राम कृष्ण बदहवास होकर गलियों में दौड़ने लगा। ग्रामीणों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसके सिर पर खून सवार था। जब तक लोग उसे काबू कर पाते, वह दौड़ते हुए गांव के कुएं के पास पहुंचा और सीधे मौत की छलांग लगा दी।

ग्रामीणों की जांबाजी और ‘डायल 112’ की फुर्ती : कुएं में गिरते ही पानी लाल हो गया। ग्रामीणों ने गजब की सूझबूझ दिखाई और तत्काल रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर उसे बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और संजीवनी 108 की टीमें मौके की ओर दौड़ीं। पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए आधे रास्ते में ही युवक को अपनी गाड़ी में शिफ्ट किया और बिना समय गंवाए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

क्यों बना खुद का दुश्मन? (अंधविश्वास या साया?) – सूत्रों की मानें तो इस आत्मघाती कदम के पीछे अंधविश्वास की गहरी जड़ें छिपी हैं। बताया जा रहा है कि:

  • ​युवक पिछले कई दिनों से मानसिक अशांति का शिकार था।
  • ​परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, वह किसी ‘अदृश्य साये’ या ‘ऊपरी हवा’ के खौफ में था।
  • ​उसे वहम था कि कोई उसे मारना चाहता है, और इसी डर ने उसे खुद की जान लेने पर मजबूर कर दिया।

“मामला बेहद गंभीर है। प्रथम दृष्टया यह मानसिक तनाव और अंधविश्वास से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फिलहाल प्राथमिकता युवक की जान बचाना है, जिसके बाद पुलिस विस्तृत बयान दर्ज करेगी।”स्थानीय पुलिस सूत्र

सनसनी के बीच सन्नाटा : इस घटना ने न केवल बेंदरकोना बल्कि पूरे कोरबा जिले में सनसनी फैला दी है। गांव में इस वक्त सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे अंधविश्वास एक इंसान को इस कदर पागल बना सकता है कि वह खुद का गला रेतने से भी न हिचकिचाए।

सावधान : अंधविश्वास और मानसिक बीमारी का इलाज झाड़-फूंक नहीं, बल्कि सही डॉक्टरी परामर्श है। किसी भी मानसिक परेशानी में विशेषज्ञों की मदद लें।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!