सेंधमारी ‘अपनों’ की : रेलवे प्रोजेक्ट में 25 लाख का गबन, जेसीबी ऑपरेटर और साथी गिरफ्तार…

कोरबा। गेवरा रोड से पेंड्रा रोड के बीच बिछ रही नई रेल पटरियों पर विकास से पहले ही ‘गबन’ की जंग लग गई। जिस कंस्ट्रक्शन कंपनी पर निर्माण का जिम्मा था, उसी के कर्मचारियों ने रेलवे की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। कटघोरा पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश करते हुए कंपनी के जेसीबी ऑपरेटर तेजबहादुर पटेल और उसके सहयोगी राहुल सिंह मरकाम को सलाखें के पीछे भेज दिया है।
साजिश : लूट का नाटक और रक्षक ही भक्षक – इस मामले की सबसे हैरान कर देने वाली बात यह रही कि आरोपियों ने इस गबन को ‘बाहरी लूट’ का रंग देने की पूरी कोशिश की थी। 28 जनवरी की रात सिंघिया और सुतर्रा स्थित स्टोर से लोहे के स्लीपर और कीमती निर्माण सामग्री गायब की गई। कर्मचारियों को गुमराह किया गया ताकि पुलिस को लगे कि यह किसी डकैत गिरोह का काम है।
जांच में खुली पोल : 25 लाख का माल बरामद – जब कटघोरा पुलिस ने कंपनी के भीतर बारीकी से पूछताछ शुरू की, तो ‘लूट’ की कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। जांच में सामने आया कि:
- इंटरनल जॉब : यह कोई बाहरी हमला नहीं, बल्कि पद का दुरुपयोग कर किया गया आंतरिक गबन था।
- मुख्य सूत्रधार : जेसीबी ऑपरेटर तेजबहादुर पिछले कई महीनों से धीरे-धीरे माल कबाड़ियों को बेच रहा था।
- बरामदगी : पुलिस ने आरोपियों के पास से जेसीबी वाहन, लोहे के स्लीपर के टुकड़े और कैश समेत कुल 25 लाख 6 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया है।
कानूनी शिकंजा – पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316(5), 317(2), 317(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
“विकास की पटरी पर भ्रष्टाचार का कांटा बिछाने वाले इन आरोपियों ने न केवल कंपनी को चूना लगाया, बल्कि पुलिस को भी गुमराह करने की नाकाम कोशिश की।”



