बिलासपुर में धर्मांतरण का ‘संडे खेल’ बेनकाब : प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहा था कन्वर्जन, पुलिस ने दर्ज की FIR…

बिलासपुर। न्यायधानी में एक बार फिर अवैध धर्मांतरण का जिन्न बाहर निकला है। सरकंडा थाना क्षेत्र के सूर्या विहार में रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक निजी आवास में चल रही कथित ‘प्रार्थना सभा’ पर हिंदू संगठनों ने धावा बोल दिया। आरोप है कि यहाँ डरा-धमकाकर और लालच देकर हिंदू परिवारों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।
मिशनरी नेटवर्क पर बजरंग दल का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ – राजकिशोर नगर स्थित देवांगन होटल के पास, जेम्स सिंह नामक व्यक्ति के निजी मकान में गुपचुप तरीके से करीब 16 लोगों को जुटाया गया था। बजरंग दल को सूचना मिली कि यहाँ ‘चंगाई सभा’ की आड़ में भोले-भाले लोगों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा है और ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
बजरंग दल के जिला संयोजक गौरव धनकर की सक्रियता के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि रिहायशी इलाके के इस मकान को बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के ‘प्रार्थना भवन’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
कानून का शिकंजा : इन धाराओं में फंसा मामला – हिंदू संगठनों के कड़े विरोध और लिखित शिकायत के बाद सरकंडा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानून का हंटर चलाते हुए निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 : धारा 299 और 3(5)।
- छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 : धारा 3 (जबरन धर्मांतरण निषेध)।
मुख्य बिंदु : शिकायतकर्ता का आरोप है कि जेम्स सिंह द्वारा प्रलोभन और भय का जाल बुनकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा था।
प्रशासन के सामने चुनौतियां – यह मामला केवल एक प्रार्थना सभा का नहीं है, बल्कि रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से संचालित हो रहे ‘प्रार्थना केंद्रों’ पर भी सवाल खड़ा करता है। फिलहाल पुलिस साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खेल के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा।



