खूनी रेत का खेल : जनकपुर में पोकलेन चालक की लापरवाही ने ली ट्रैक्टर चालक की जान…

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)। जिले के जनकपुर थाना अंतर्गत ग्राम हरचोका में अवैध रेत के काले कारोबार की राह बनाना एक युवक के लिए काल बन गया। मवई नदी के किनारे रेत निकालने के लिए बनाई जा रही अवैध कच्ची सड़क के निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें ट्रैक्टर चालक सतेन्द्र कुमार पाण्डेय की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में पोकलेन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
लापरवाही ने ली जान : क्या था पूरा मामला? – मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम हरचोका में मवई नदी से रेत का अवैध उत्खनन करने के लिए हरिओम अग्रवाल द्वारा कच्ची सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। 30 जनवरी की शाम करीब 6 बजे, मुरुम ढुलाई कर रहा ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई।
हादसे के बाद चालक सतेन्द्र ने ट्रॉली को सीधा करने के लिए वहां मौजूद पोकलेन मशीन की मदद ली। आरोप है कि पोकलेन चालक महेन्द्र पटेल ने मशीन को बेहद लापरवाही और खतरनाक तरीके से चलाया। उसने ट्रॉली को उसी दिशा में पलट दिया जहाँ सतेन्द्र खड़ा था। भारी-भरकम ट्रॉली के नीचे दबने से सतेन्द्र के सिर और शरीर पर घातक चोटें आईं।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम – घायल सतेन्द्र को मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल हरचोका अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जनकपुर रेफर किया गया। लेकिन अफसोस, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिसिया कार्रवाई : ‘अवैध’ काम और ‘जानलेवा’ लापरवाही – पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने, चश्मदीदों के बयान दर्ज करने और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पोकलेन चालक को दोषी पाया है।
- आरोपी : महेन्द्र पटेल (पोकलेन चालक)
- धारा : पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है।
- जांच का केंद्र : पुलिस अब इस अवैध निर्माण और उत्खनन के पीछे के मास्टरमाइंड्स की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बड़ा सवाल : क्षेत्र में बेखौफ चल रहे इस अवैध रेत उत्खनन और कच्ची सड़कों के निर्माण पर प्रशासन की चुप्पी कब टूटेगी? एक मजदूर की जान जाने के बाद क्या रसूखदारों पर भी कोई कार्रवाई होगी?


