रायगढ़
बजरमुड़ा पंचायत में तालाब गहरीकरण का नया तमाशा शुरू?…

तमनार। बजरमुड़ा पंचायत में विकास का सबसे आसान फॉर्मूला है तालाब गहरीकरण। काम वही पुराना, खर्चा वही भारी, और नतीजा – शून्य! इस बार भी 21 अगस्त 2025 को तालाब गहरीकरण के नाम पर पूरे 2 लाख रुपये खाते से उड़ा दिए गए।
पासबुक गवाही दे रही है –
- 1 अप्रैल 2025 को बैलेंस था: ₹12,55,446
- तालाब गहरीकरण के बाद बचा: ₹10,55,446
यानि तालाब चाहे जस का तस हो, लेकिन खजाने में गड्ढ़ा साफ नज़र आ रहा है।
गाँव वाले हंसते-हंसते कह रहे हैं : “तालाब कीचड़ नहीं छोड़ता, पर पंचायत सचिव–सरपंच हर साल कीचड़ से मलाई ज़रूर निकाल लेते हैं।”
तालाब में पानी टिके न टिके, लेकिन भ्रष्टाचार का खेल हर साल टिका रहता है।
अब सवाल यह है –
- तालाब गहरा हो रहा है या नेताओं की जेबें?
- मिट्टी निकल रही है या जनता की गाढ़ी कमाई?
- ये तालाब विकास का प्रतीक है या भ्रष्टाचार का स्थायी अड्डा?
बजरमुड़ा की हकीकत यही है कि यहाँ तालाब नहीं, जनता का भरोसा गहरा दफन हो रहा है।
सच तो यह है कि तालाब गहरीकरण का खेल अब “जनता को गुमराह करने का गहरीकरण” बन चुका है।