विवाह से पहले कुंडली मिलान के साथ अब सिकल सेल कार्ड का मिलान भी जरूरी…

- पंडितों एवं पुरोहितों को सिकल सेल रोग के प्रति किया गया जागरूक, विवाह योग्य युवक-युवतियों की जांच कराने पर दिया गया जोर…
रायगढ़, 30 अक्टूबर 2026/ विवाह से पहले कुंडली मिलान के साथ अब वर-वधू के सिकल सेल कार्ड का मिलान भी महत्वपूर्ण होगा। सिकल सेल रोग की रोकथाम एवं समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग रायगढ़ द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में पंडितों एवं पुरोहितों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित पंडितों एवं पुरोहितों को विवाह योग्य युवक-युवतियों के कुंडली मिलान के साथ सिकल सेल जांच कराने तथा उनके जेनेटिक कार्ड की स्थिति का मिलान करने के महत्व की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री पठारे ने कहा कि विवाह से पूर्व वर-वधू को सिकल सेल की जांच अवश्य करानी चाहिए तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेना चाहिए। इससे भावी दंपती को संतान में सिकल सेल रोग होने की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने और उचित चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर जागरूकतापूर्वक निर्णय लेने में मदद मिलती है।
सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारी है, जो माता-पिता से संतान में स्थानांतरित हो सकती है। यह संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलती है। समय पर जांच एवं पहचान, उचित चिकित्सकीय परामर्श और नियमित उपचार से इस बीमारी से प्रभावित व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
सीएमएचओ ने पंडितों एवं पुरोहितों से अपील की कि वे विवाह संबंधी परामर्श के दौरान वर-वधू और उनके परिजनों को सिकल सेल जांच कराने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, सिकल सेल रोग एवं वाहक की स्थिति को लेकर समाज में प्रचलित भ्रांतियों को दूर करने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने जेनेटिक कार्ड से जुड़ी जानकारी की गोपनीयता एवं संबंधित व्यक्ति के सम्मान को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही कहा कि किसी भी प्रकार की शंका या संदेह की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र अथवा काउंसलर से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि रोग के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव अथवा सामाजिक कलंक जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
कार्यक्रम में उपस्थित पंडितों एवं पुरोहितों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे विवाह के समय कुंडली मिलान के साथ-साथ सिकल सेल जांच एवं जेनेटिक कार्ड की स्थिति के महत्व के प्रति वर-वधू और उनके परिवारों को भी जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सीईओ जिला पंचायत श्री पठारे एवं सीएमएचओ डॉ. जगत द्वारा सभी पंडितों एवं पुरोहितों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कुमार, शैलेन्द्र मंडल, डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. जावेद मारीकर, बायोमेडिकल इंजीनियर नीतिराज सिंह, अतीश तिग्गा, पंकज मिश्रा, जया मजुमदार एवं अनिल साहा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




