बलौदाबाजार में धनतेरस के दिन दर्दनाक हादसा : हाईटेंशन तार ने उजाड़ दिया परिवार, पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत; मां जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही…

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से धनतेरस के दिन एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में त्योहार की खुशियां मनाने की तैयारी होनी थी, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। घर के बाहर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक ही परिवार के दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार की महिला गंभीर रूप से झुलस गई। हादसे में पिता और मासूम बेटे की जान चली गई, वहीं मां जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
घर के बाहर मौत बनकर झूल रही थी हाईटेंशन लाइन! – मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा बलौदाबाजार के नेहरू चौक इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि राकेश गुप्ता के घर के ठीक बाहर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि बिजली का यह खतरनाक तार घर से महज पांच फीट की दूरी पर बताया जा रहा है। ऐसे में घर के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पति को बचाने दौड़ी पत्नी, बेटे ने भी गंवाई जान – प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, राकेश गुप्ता अचानक हाईटेंशन करंट की चपेट में आ गए। पति को बिजली के करंट से तड़पता देख उनकी पत्नी वर्षा उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी करंट की चपेट में आ गईं। इसी दौरान बेटा ईशान भी इस भयावह हादसे की चपेट में आ गया।
कुछ ही पलों में हंसता-खेलता परिवार मौत और जिंदगी की जंग में उलझ गया। हादसे में राकेश गुप्ता और उनके बेटे ईशान की मौत हो गई, जबकि वर्षा गंभीर रूप से झुलस गईं।
चीख-पुकार से दहला इलाका, अस्पताल में जिंदगी की जंग – घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। घायल महिला को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पांच फीट की दूरी पर हाईटेंशन लाइन, आखिर जिम्मेदार कौन? – इस हादसे ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और रिहायशी इलाकों में गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि घर के इतने करीब हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, तो वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे? क्या लाइन की सुरक्षित दूरी और अन्य तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या पहले भी इस खतरे को लेकर कोई शिकायत की गई थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब मिलना बेहद जरूरी है।
पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल – फिलहाल कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और करंट की चपेट में आने की वास्तविक वजह क्या रही, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
धनतेरस के दिन एक ही परिवार के दो लोगों की मौत ने पूरे बलौदाबाजार को गमगीन कर दिया है। त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रिहायशी इलाके में घर के इतने करीब गुजर रही हाईटेंशन लाइन को लेकर जिम्मेदारी किसकी है और क्या इस दर्दनाक हादसे के बाद बिजली विभाग कोई ठोस कदम उठाएगा?
एक हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं और एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। अब जरूरत सिर्फ जांच की नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही और ठोस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी है।




